टोल प्लाजा के पास रहने वालों को राहत, 1 नवंबर से 1500 रुपये में बनेगा सालाना पास

इस योजना का लाभ टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र गैर-व्यावसायिक वाहन मालिकों को मिलेगा। इसके लिए वाहन में वैध और चालू FASTag होना जरूरी है। हालांकि, यह पास सभी टोल प्लाजा पर मान्य नहीं होगा और कुछ हाईवे व एक्सप्रेसवे पर इसकी सुविधा नहीं मिलेगी।
1 नवंबर से लागू होगी टोल पास की नई व्यवस्था
केंद्र सरकार ने टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों को राहत देने के लिए सालाना पास की व्यवस्था की है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए इसे लोगों की सुविधा की दिशा में बड़ा कदम बताया है। नए नियम 1 नवंबर 2026 से लागू होंगे।
ये भी पढ़ें: FASTag यूजर्स सावधान! एक ही टोल पर दो बार कट सकते हैं पैसे, जानें कैसे करें शिकायत
टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वालों को लाभ
इस योजना के तहत नेशनल हाईवे पर स्थित टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिक पास बनवा सकेंगे। इसके लिए वाहन गैर-व्यावसायिक होना चाहिए और उसमें वैध और चालू FASTag लगा होना जरूरी है। इसके अलावा वाहन मालिकों को योजना की निर्धारित शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
नगरपालिका क्षेत्र के बाहर 1,500 रुपए का सालाना पास
सरकार ने टोल प्लाजा की स्थिति के आधार पर पास की दो श्रेणियां तय की हैं। नगरपालिका या स्थानीय कस्बों की सीमा से बाहर स्थित टोल प्लाजा के लिए सालाना पास की कीमत 1,500 रुपए होगी। इस पास से संबंधित टोल प्लाजा पर आने-जाने के लिए पात्र वाहन मालिकों को अलग से टोल शुल्क नहीं देना होगा।
नगरपालिका क्षेत्र में स्थित टोल प्लाजा के लिए 3,000 रुपए
नगरपालिका या स्थानीय कस्बों की सीमा के भीतर आने वाले टोल प्लाजा के लिए सालाना पास की कीमत 3,000 रुपये रखी गई है। यह पास केवल संबंधित टोल प्लाजा पर ही मान्य होगा, इसलिए इसका इस्तेमाल किसी भी दूसरे टोल प्लाजा पर नहीं किया जा सकेगा। सरकार ने इस व्यवस्था के लिए नेशनल हाईवे फीस नियम, 2008 में पांचवें संशोधन के तहत बदलाव किए हैं।
ये भी पढ़ें: FASTag चोरी हुआ तो क्या करें? बैंक से लेकर पुलिस तक जानें पूरी प्रक्रिया, बच सकता है पैसा
इन हाईवे और एक्सप्रेसवे पर नहीं मिलेगी सुविधा
यह सुविधा उन नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर लागू नहीं होगी, जहां क्लोज्ड यूजर फीस कलेक्शन सिस्टम के तहत टोल वसूला जाता है। इसके अलावा, जहां सर्विस रोड या दूसरे वैकल्पिक रास्ते उपलब्ध हैं, वहां स्थित टोल प्लाजा पर भी यह पास मान्य नहीं होगा। यानी केवल 20 किलोमीटर के दायरे में रहने से ही पास की पात्रता नहीं मिलेगी और सरकार 1 अप्रैल को इन दरों की समीक्षा कर सकती है।




















