दमोह कलेक्टर ने उप पंजीयक एवं सहायक ग्रेड-02 प्रभारी उप पंजीयक को किया निलंबित

दमोह। जिले में पंजीयन कार्यालयों की कार्यप्रणाली को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सख्त कार्रवाई करते हुए उप पंजीयक ज्योति पटैल और जबेरा के प्रभारी उप पंजीयक विमल कुमार साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
दोनों अधिकारियों को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए यह कार्रवाई की गई है। मामले में जांच प्रतिवेदनों के आधार पर प्रशासन ने कदम उठाया है, वहीं फर्जी रजिस्ट्री से संबंधित प्रकरण पुलिस को सौंपे जाने की जानकारी भी सामने आई है।
टोकन व्यवस्था के नाम पर बाहरी व्यक्ति की दखलंदाजी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उप पंजीयक कार्यालय में एक बाहरी व्यक्ति द्वारा रजिस्टर में लोगों की एंट्री कर टोकन के नाम पर उन्हें परेशान किए जाने की शिकायत मिली थी। मामले की वास्तविकता जानने के लिए कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण कराया गया। जांच में बाहरी व्यक्ति के कार्यालय में बैठकर यह कार्य करने की बात सामने आई। बताया गया कि उक्त व्यक्ति उप पंजीयक के कहने पर वहां बैठता था।
इस संबंध में एसडीएम एवं डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारियों से जांच कराई गई। जांच दल के प्रतिवेदन और संबंधित अधिकारियों के जवाबों के परीक्षण के बाद कलेक्टर ने उप पंजीयक ज्योति पटैल को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया।
महिला की भूमि की रजिस्ट्री पुरुष द्वारा कराए जाने की शिकायत
दूसरा मामला जबेरा तहसील के ग्राम तंवरा, सिग्रामपुर क्षेत्र से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, महिला के स्वामित्व वाली भूमि की रजिस्ट्री किसी पुरुष द्वारा कराए जाने का मामला सामने आया। आरोप है कि भूमि जबेरा क्षेत्र में स्थित होने के बावजूद रजिस्ट्री बटियागढ़ में कराई गई। शिकायत में यह भी सवाल उठाया गया कि जबेरा के पंजीयन पोर्टल का उपयोग बटियागढ़ में बैठकर किया गया और संबंधित रजिस्ट्री संपादित की गई।
इस मामले की जांच अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तेंदूखेड़ा से कराई गई। जांच प्रतिवेदन के परीक्षण के बाद कलेक्टर ने सहायक ग्रेड-2 एवं प्रभारी उप पंजीयक जबेरा विमल कुमार साहू को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया। हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी।
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पुलिस करेगी मामले की जांच
प्रशासन की ओर से पंजीयन संबंधी नियमों और शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। फर्जी रजिस्ट्री से संबंधित शिकायत को पुलिस को सौंपे जाने की जानकारी है, ताकि प्रकरण की जांच कर जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े ऐसे मामले आम नागरिकों के संपत्ति अधिकारों और सरकारी पंजीयन व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़े हैं। ऐसे में शिकायतों की निष्पक्ष जांच, दस्तावेजों का सत्यापन और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
निलंबन के बाद मुख्यालय निर्धारित
कलेक्टर के आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में ज्योति पटैल का मुख्यालय उप पंजीयक कार्यालय बटियागढ़ तथा विमल कुमार साहू का मुख्यालय उप पंजीयक कार्यालय तेंदूखेड़ा निर्धारित किया गया है। दोनों अधिकारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।




















