नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण का मामला: पत्रकार प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद, 77.64 लाख रुपए जुर्माना

भोपाल। राजधानी के बहुचर्चित नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण के मामले में फैसला आया है। विशेष पॉक्सो न्यायाधीश कुमुदनी पटेल ने 78 वर्षीय पत्रकार प्यारे मियां को दोषी ठहराते हुए 10 बार उम्रकैद और 77 लाख 64 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। इनमें आठ मामलों में शेष प्राकृतिक जीवनकाल यानी अंतिम सांस तक जेल में रहने और दो मामलों में उम्रकैद की सजा शामिल है।
अदालत ने प्यारे मियां के घर काम करने वाली सहआरोपी राबिया बी को 20 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, प्यारे की सचिव स्वीटी विश्वकर्मा उर्फ हम्पटी, गुलशन नईम, खुर्शीद आलम, आवेश उर्फ उवैस और अनस को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।
जबलपुर जेल में न्यायिक हिरासत में बंद प्यारे मियां को कड़ी सुरक्षा के बीच भोपाल की अदालत में पेश किया गया। शासन की ओर से जिला लोक अभियोजक पीएनएस राजपूत ने पैरवी की।
2020 में दर्ज हुआ था मामला
11 जुलाई 2020 को पांच नाबालिग बच्चियां रास्ता भटकने के बाद रात करीब 12 बजे रातीबड़ में पुलिस को मिली थीं। रातीबड़ पुलिस की सूचना पर शाहपुरा पुलिस ने बच्चियों के बयान के आधार पर प्यारे मियां और अन्य आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट और यौन शोषण की धाराओं में मामला दर्ज किया था।
केस दर्ज होने के बाद प्यारे मियां फरार हो गया था। पुलिस ने उसे 17 जुलाई 2020 को श्रीनगर, कश्मीर से गिरफ्तार किया था। शाहपुरा पुलिस ने 8 सितंबर 2020 को विशेष अदालत में आरोपियों के खिलाफ 700 पन्नों की चार्जशीट पेश की थी। इसके साथ मेडिकल और डीएनए जांच रिपोर्ट सहित 129 गवाहों की सूची भी प्रस्तुत की गई थी।
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चार्जशीट के अनुसार
चार्जशीट के अनुसार, प्यारे मियां नाबालिग बच्चियों को घर पर काम के बहाने रखता और उन्हें जबरन शराब पिलाकर, अश्लील फिल्में दिखाकर तथा डरा-धमकाकर उनका यौन शोषण करता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में एक पीड़िता की डीएनए प्रोफाइल प्यारे मियां से मेल खाई थी।
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पीड़िता को गोवा, कश्मीर और सिंगापुर ले गया था
प्यारे मियां ने पुलिस को दिए बयान में कहा था कि वह एक नाबालिग पीड़िता का खर्च उठाता था और उसे घुमाने के लिए गोवा, कश्मीर और सिंगापुर ले गया था। पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि प्यारे मियां उसकी नानी का दूर का रिश्तेदार है।
परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उसने उसकी मां को बेहतर भविष्य का भरोसा देकर उसे गोद लिया था। पीड़िता के अनुसार, गोद लेने के कुछ समय बाद ही प्यारे मियां ने अपने बंगले पर उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोशी की हालत में उसका यौन शोषण किया।
पीड़िता ने पुलिस को यह भी बताया था कि प्यारे मियां ने भोपाल और इंदौर स्थित घरों में भी उसका शोषण किया और इंदौर में करीब ढाई साल तक उसे बंधक बनाकर रखा।




















