कवर्धा में 5 बैगा बच्चों की मौत से सियासी उबाल, दीपक बैज-विक्रांत भूरिया ने सरकार को घेरा

रायपुर: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के नंदनी कुमान गांव में पांच आदिवासी बैगा बच्चों की मौत का मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया गांव पहुंचे। दोनों नेताओं ने मृतक बच्चों के परिजनों और ग्रामीणों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली। कांग्रेस ने कुपोषण, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार तथा प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
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गांव पहुंची कांग्रेस, परिजनों से मुलाकात
चार दिन पहले कांग्रेस की सात सदस्यीय जांच टीम के दौरे के बाद अब दीपक बैज और विक्रांत भूरिया नंदनी कुमान गांव पहुंचे। नेताओं ने प्रभावित परिवारों से बातचीत की और ग्रामीणों से गांव में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं तथा सरकारी योजनाओं की स्थिति जानी।

कुपोषण और स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि आदिवासी बैगा परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच रहा है। पार्टी ने गांव में कुपोषण की स्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर चिंता जताई। हालांकि, बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों और संभावित लापरवाही की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पांच बच्चों की मौत, जवाबदेही तय करने की मांग
इस मामले में कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच कराए जाने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि प्रभावित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
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प्रदेश से राष्ट्रीय स्तर तक मुद्दा उठाने की तैयारी
कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिया कि बच्चों की मौत का मामला प्रदेश के साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाया जाएगा। इस घटनाक्रम के बाद अब प्रशासन की जांच, मौतों के कारणों और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उठाए गए सवालों पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

अब इन सवालों के जवाब जरूरी
पांचों बच्चों की मौत के वास्तविक कारण क्या हैं?
क्या गांव में कुपोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी की समस्या है?
सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावित परिवारों तक पहुंच रहा था या नहीं?
जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
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निष्कर्ष: नंदनी कुमान गांव में पांच बैगा बच्चों की मौत का मामला केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहना चाहिए। मौतों के कारणों की निष्पक्ष जांच, तथ्यों के आधार पर जवाबदेही और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता मिलना सबसे अहम है।




















