‘मोदी को ठोकने आए थे’ केजरीवाल के बयान से गरमाई सियासत, बीजेपी बोली- ये कैसी भाषा है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के एक बयान पर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी ने केजरीवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है। वीडियो में केजरीवाल ने सीजेपी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लोग प्रधानमंत्री मोदी को ‘ठोकने’ आए थे। केजरीवाल के इस बयान को लेकर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा बताया है।
बीजेपी ने कहा- ‘घटिया सोच का उदाहरण’
दिल्ली बीजेपी ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए केजरीवाल पर निशाना साधा। पार्टी ने दा वा किया कि सीजेपी प्रदर्शन में सड़कों पर आए लोगों के मकसद को लेकर केजरीवाल ने खुद यह बात कही है। बीजेपी ने उनकी टिप्पणी को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना गलत है। पार्टी ने इसे केजरीवाल की ‘घटिया सोच’ बताया और कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
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कपिल मिश्रा ने भी साधा निशाना
दिल्ली के मंत्री और बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने भी अरविंद केजरीवाल के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत के तीन बार चुने गए प्रधानमंत्री के बारे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना बेहद आपत्तिजनक है। कपिल मिश्रा ने केजरीवाल की भाषा को ‘माओवादी’ बताते हुए कहा कि यह किसी राजनीतिक आंदोलन या क्रांति की पहचान नहीं, बल्कि नैतिक और भाषाई गिरावट को दिखाता है। उन्होंने केजरीवाल पर तंज कसते हुए दिल्ली और पंजाब की राजनीति का भी जिक्र किया। मिश्रा ने कहा कि जनता ने केजरीवाल को लेकर अपना फैसला पहले भी दिया है और आगे भी जनता ही इसका जवाब देगी।
‘जनता विकास की राजनीति के साथ’
कपिल मिश्रा ने कहा कि देश की जनता किसी को ‘ठोकने’ की राजनीति के लिए नहीं, बल्कि विकास और राष्ट्रनीति के लिए आगे बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की राजनीति को जनता का समर्थन मिला है और यह समर्थन आगे भी जारी रहेगा।
वीरेंद्र सचदेवा ने भी बोला हमला
दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी अरविंद केजरीवाल की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि केजरीवाल जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, वह बेहद निंदनीय है। सचदेवा ने कहा कि सभ्य समाज में प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए इस तरह की भाषा को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने केजरीवाल पर कई राजनीतिक आरोप भी लगाए और कहा कि जनता उनके बयानों का जवाब चुनाव के जरिए देगी।
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बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक गर्मी
अरविंद केजरीवाल के कथित बयान के बाद बीजेपी नेताओं की लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। बीजेपी इसे प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का मामला बता रही है, जबकि यह विवाद अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। फिलहाल इस पूरे मामले में केजरीवाल के बयान को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।












