CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शन, इस्तीफे की मांग; कई नेता हिरासत में

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस ने शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किया। पार्टी ने उन्हें पद से हटाने और इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कई जगह पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। पटना और चंडीगढ़ में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया जबकि असम में कांग्रेस नेता गौरव गोगोई समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस का प्रदर्शन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रहे विवाद के बीच हुआ। कांग्रेस का आरोप है कि SIR से जुड़े फैसलों में चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। चुनाव आयोग ने दूसरी ओर कहा है कि SIR से जुड़े फैसले तीनों आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं।
देहरादून से पटना तक प्रदर्शन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कई राज्यों और शहरों में प्रदर्शन किया। देहरादून में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। पटना में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। चंडीगढ़ में भी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन चलाया। दिल्ली में भी कांग्रेस और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। जंतर-मंतर की ओर मार्च के दौरान पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई थी। वहीं असम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई समेत कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।
दो चुनाव आयुक्तों की 14 बार आपत्ति का मुद्दा
कांग्रेस के प्रदर्शन के पीछे हाल में सामने आई इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट भी एक प्रमुख मुद्दा है। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के फैसलों और आदेशों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की। इनमें मतदाता जोड़ने और नाम हटाने, फॉर्म-6 में बदलाव और मतदाता डाटा से जुड़े फैसले शामिल थे। एक दिन में चार बार आपत्ति दर्ज किए जाने का भी रिपोर्ट में उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ फैसले उनकी जानकारी या मंजूरी के बिना लिए जाने पर सवाल उठाए। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि SIR सहित सभी फैसले सर्वसम्मति से और दोनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा मामला
SIR को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दाखिल की गई है। याचिका में उन फैसलों, दिशानिर्देशों और सॉफ्टवेयर बदलावों को रद्द करने की मांग की गई है जिन्हें याचिकाकर्ता के मुताबिक अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लागू किया गया। याचिका में ज्ञानेश कुमार समेत कुछ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग और SIR के दौरान करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों की एसआईटी या न्यायिक जांच की मांग भी की गई है। याचिका में मूल फॉर्म-6 व्यवस्था बहाल करने की मांग भी रखी गई है।
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महाराष्ट्र में 14 आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती
महाराष्ट्र में SIR को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में भी दो याचिकाएं दायर की गई हैं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े 14 आदेशों को चुनौती दी गई है। याचिकाओं में महाराष्ट्र में SIR की संवैधानिक वैधता और प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं ने SIR प्रक्रिया पर रोक, कानूनी तरीके से मतदाता सूची तैयार करने और इस प्रक्रिया से जुड़े आदेशों तथा उनके आधार को सार्वजनिक करने की मांग भी की है।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भी उठा मुद्दा
शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भी कांग्रेस विधायकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। विधायक हाथों में बैनर लेकर सदन में पहुंचे और उनके इस्तीफे की मांग की। स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने सदन में बैनर लाने पर आपत्ति जताई और विधायकों से उन्हें हटाने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और सदन की कार्यवाही के दौरान इस तरह का प्रदर्शन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
2 अक्टूबर से आंदोलन की चेतावनी
इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी शुक्रवार को ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। पार्टी ने कहा है कि यदि इस्तीफा नहीं दिया गया तो 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। इससे पहले पार्टी की ओर से 48 घंटे की समयसीमा दिए जाने की बात कही गई थी। इस पूरे विवाद के बीच SIR, चुनाव आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली और दो चुनाव आयुक्तों की दर्ज आपत्तियों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस समेत विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों में तीनों आयुक्तों की सहमति होने की बात कही है।




















