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‘बुलडोजर एक्शन’! 50 कब्जे ध्वस्त- पुलिस अधिकारी से धक्का-मुक्की, 4 हिरासत में

कार्रवाई शुरू होते ही रहवासियों का विरोध, पुलिस अधिकारी से धक्का-मुक्की के बाद चार युवक हिरासत में; भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नाले किनारे चले बुलडोजर
‘बुलडोजर एक्शन’! 50 कब्जे ध्वस्त- पुलिस अधिकारी से धक्का-मुक्की, 4 हिरासत में
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इंदौर। बुधवार सुबह करीब 8 बजे साउथ तोड़ा में अचानक नगर निगम का भारी-भरकम अमला पहुंचा तो क्षेत्र में हलचल मच गई। रावला स्थित श्रीगौड़ विद्या मंदिर से जवाहर मार्ग की ओर जाने वाली सड़क को कब्जामुक्त कराने के लिए निगम ने नाले किनारे बने कारखानों, मकानों, दुकानों और अन्य कब्जों पर कार्रवाई शुरू कर दी। निगम के साथ राजस्व विभाग और बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर मौजूद था। कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में रहवासी और महिलाएं मौके पर जमा हो गईं और विरोध शुरू कर दिया।

 

कुछ ही देर में विरोध हंगामे में बदल गया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लोगों को पीछे हटाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस के मुताबिक कुछ युवकों ने एक पुलिस अधिकारी को धक्का दे दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभाला और चार युवकों को हिरासत में लेकर थाना रावजी बाजार भेज दिया। इसके बाद क्षेत्र में पुलिस बल और बढ़ा दिया गया तथा निगम के रिमूवल अमले ने कार्रवाई जारी रखी।

 

पहले नोटिस, फिर पहुंचा पूरा प्रशासनिक अमला

प्रशासन के अनुसार साउथ तोड़ा में कार्रवाई अचानक नहीं की गई। संबंधित लोगों को दो दिन पहले नोटिस जारी किए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले भी कई बार कब्जे और निर्माण हटाने के लिए नोटिस दिए जा चुके थे। इसके बावजूद नाले किनारे लगातार कारखाने, गोडाउन और अन्य निर्माण बढ़ते गए।बुधवार सुबह कार्रवाई के लिए एसडीएम घनश्याम धनगर के साथ कई तहसीलदार, राजस्व विभाग के अधिकारी और नगर निगम के बीओ-बीआई समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्षेत्र संवेदनशील होने के कारण बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को पहले से तैनात किया गया था। महिला रहवासियों के विरोध को देखते हुए महिला पुलिसकर्मियों के साथ निगम की महिला टीम भी मौके पर मौजूद रही।

 

नाले किनारे बढ़ते गए कारखाने और कब्जे

साउथ तोड़ा क्षेत्र में नाले के किनारे पिछले कई वर्षों से धीरे-धीरे कारखानों और कब्जों का विस्तार होता गया। यहां अलग-अलग तरह के काम किए जा रहे थे। कहीं पलंग-पेटी और आलमारियां बनाई जा रही थीं तो कहीं लोहे का सामान और चद्दरें तैयार की जा रही थीं।कारखानों में होने वाला काम कई जगह सड़क तक पहुंच गया था। सड़क किनारे सामान रखने के साथ मशीनों और निर्माण सामग्री के कारण रास्ता भी संकरा हो जाता था। निगम अधिकारियों के मुताबिक इसी हिस्से में करीब 45 से 50 छोटे-बड़े कारखाने, मकान, दुकान और अन्य कब्जे चिह्नित किए गए थे।अधिकारियों का कहना है कि सड़क को सुचारू करने और नाले किनारे के कब्जों को हटाने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है।

 

निगम की टीम पहुंची तो लोग सामान बचाने में जुटे

सुबह निगम का रिमूवल अमला पहुंचते ही कई लोगों ने अपने कारखानों और मकानों से सामान बाहर निकालना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए अधिकारियों से बातचीत की और तोड़फोड़ रोकने की मांग की।महिलाओं और रहवासियों की भीड़ बढ़ने के बाद पुलिस ने लोगों को कार्रवाई वाले हिस्से से दूर करना शुरू किया। इसी दौरान कुछ युवकों और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद की स्थिति बनी। पुलिस के अनुसार, एक पुलिस अधिकारी को धक्का दिए जाने के बाद चार युवकों को हिरासत में लिया गया।चारों को थाना रावजी बाजार भेजे जाने के बाद पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया।

 

भारी मशीनों ने बढ़ाई निगम की मुश्किल

कार्रवाई के दौरान कई कारखानों के अंदर बड़ी-बड़ी लोहे की मशीनें लगी मिलीं। इन मशीनों का वजन कई क्विंटल बताया गया। मशीनों को कारखानों से बाहर निकालना आसान नहीं था। कुछ जगहों पर निगम के अमले ने सामान हटाया, लेकिन भारी मशीनें अंदर ही रह गईं।मशीनों को बाहर निकालने के बजाय रिमूवल अमले ने आसपास के निर्माण को तोड़ना शुरू कर दिया। इसके चलते कई कारखानों की संरचनाएं ध्वस्त हो गईं, जबकि भारी मशीनें अंदर ही रह गईं।

सड़क पर बिखर गईं लोहे की चद्दरें

कार्रवाई के बाद श्रीगौड़ विद्या मंदिर से जवाहर मार्ग की ओर जाने वाली सड़क का पूरा दृश्य बदल गया। नाले किनारे बने कारखानों, गोडाउन और मकानों के हिस्से टूटकर सड़क किनारे बिखर गए।कहीं लोहे की चद्दरों का ढेर था तो कहीं टूटे दरवाजे, लोहे का सामान और निर्माण सामग्री पड़ी थी। मकानों और कारखानों से निकला मलबा भी सड़क पर जमा हो गया। जिस सड़क पर पहले कारखानों का सामान और कामकाज नजर आता था, वहां कार्रवाई के बाद टूटे निर्माण का मलबा दिखाई दे रहा था।

कई बार बनी विवाद की स्थिति

कार्रवाई के दौरान प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच कई बार विवाद की स्थिति बनी। लोग अपने मकान और कारखाने बचाने के लिए अधिकारियों से बहस करते रहे। निगम के कर्मचारी लगातार निर्माण हटाने में जुटे रहे, जबकि पुलिसकर्मी विरोध करने वालों को कार्रवाई वाले क्षेत्र से दूर करते रहे। प्रशासन ने पर्याप्त पुलिस बल के कारण स्थिति को नियंत्रण में रखा और कार्रवाई जारी रखी।

सड़क को कब्जामुक्त कराने पर जोर

नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य श्रीगौड़ विद्या मंदिर से जवाहर मार्ग की ओर जाने वाली सड़क और उसके आसपास के हिस्से को कब्जामुक्त करना है। नाले किनारे लंबे समय से बने कारखानों और अन्य निर्माणों के कारण सड़क पर लगातार अतिक्रमण बढ़ रहा था।अधिकारियों का कहना है कि नोटिस देने के बाद भी जिन लोगों ने कब्जे और निर्माण नहीं हटाए, उनके खिलाफ रिमूवल कार्रवाई की गई। बुधवार को शुरू हुए अभियान में छोटे-बड़े कारखानों, मकानों, दुकानों और अन्य कब्जों को हटाया गया।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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