मंत्रालय के सामने धरना पड़ा भारी! कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को भोपाल पुलिस ने उठाया, डिप्टी CM के इस्तीफे की मांग

मध्य प्रदेश के रीवा जिले की सेमरिया विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को भोपाल में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। मिश्रा रीवा के गांधी स्मारक अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के मामले में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। वह मंत्रालय के सामने धरने पर बैठे थे और इस मामले की CBI जांच की मांग कर रहे थे। साथ ही उन्होंने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग भी उठाई। विधायक अभय मिश्रा मंत्रालय के सामने करीब आधे घंटे तक धरने पर बैठे। इसके बाद रातीबड़ पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें वहां से हिरासत में ले लिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।
प्रसूता और नवजात बच्चे की मौत से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा मामला 26 अगस्त की रात का है। कल्पना मिश्रा प्रसव के लिए रीवा के गांधी स्मारक अस्पताल में भर्ती हुई थीं। इलाज के दौरान उनकी और उनके नवजात बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार ने अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि कल्पना की हालत बिगड़ने के बावजूद उन्हें समय पर उचित इलाज नहीं मिला। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह क्या थी और इलाज में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, इसकी अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
मौत से कुछ घंटे पहले का वीडियो आया सामने
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया, जब कल्पना मिश्रा का मौत से कुछ घंटे पहले का वीडियो सामने आया। वीडियो में वह अस्पताल के महिला वार्ड से बाहर आती हुई दिखाई दे रही हैं। वह रोती हुई नजर आती हैं और परिजनों से मदद की अपील करती दिखती हैं। वीडियो सामने आने के बाद परिवार ने अस्पताल की व्यवस्था और इलाज को लेकर कई सवाल उठाए। परिजनों ने मामले में जिम्मेदार डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्होंने कल्पना की बिगड़ती हालत को लेकर अस्पताल के कर्मचारियों से ध्यान देने और बेहतर इलाज की मांग की थी, लेकिन उनकी बात पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। परिवार की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि इलाज के दौरान उनसे कथित तौर पर 30 हजार रुपये की मांग की गई थी। हालांकि, यह आरोप भी जांच का विषय है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मृतका के पिता ने मामले में जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
दो डॉक्टर और दो नर्सिंग अधिकारियों पर कार्रवाई
घटना के बाद सरकार और अस्पताल प्रशासन की ओर से प्रारंभिक कार्रवाई भी की गई। मामले में दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित किया गया है। निलंबित डॉक्टरों में डॉ. सोनल अग्रवाल और डॉ. निधि पांडे के नाम शामिल हैं। इसके अलावा दो नर्सिंग अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई। सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। जांच में इलाज के दौरान हुई घटनाओं, अस्पताल की व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
अस्पताल अधीक्षक को भी हटाया गया
मामले में गांधी स्मारक अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को भी उनके पद से हटा दिया गया। उनके खिलाफ कार्रवाई के पीछे परिजनों के साथ कथित अभद्र व्यवहार का वीडियो सामने आने की बात कही गई है। डॉ. राहुल मिश्रा की जगह डॉ. प्रियांक शर्मा को अस्पताल अधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है।
मेडिकल कॉलेज के डीन पर भी कार्रवाई
कार्रवाई का सिलसिला यहीं नहीं रुका। श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील कुमार अग्रवाल को भी उनके पद से हटा दिया गया और उनका तबादला सतना मेडिकल कॉलेज कर दिया गया। वहीं सतना मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. शशिधर प्रसाद गर्ग को रीवा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस तरह मामले में अधीक्षक सहित अब तक छह लोगों पर कार्रवाई की बात सामने आई है।
CBI जांच और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग
अब कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने इस पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच होनी चाहिए, ताकि अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। विधायक ने उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग भी की है। इसी मांग को लेकर वह भोपाल में मंत्रालय के सामने धरने पर बैठे थे।
हालांकि पुलिस ने उन्हें कुछ देर बाद हिरासत में ले लिया। अब इस कार्रवाई के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। एक तरफ सरकार और प्रशासन की ओर से जांच और कार्रवाई की बात कही जा रही है, वहीं कांग्रेस इस मामले को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना रही है।


















