MPPSC में भर्ती का ब्रेक, हजारों अभ्यर्थी इंतजार में,रिजल्ट आया, इंटरव्यू हुआ... फिर भी नौकरी नहीं!
लोक सेवा आयोग (MPPSC) की भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार हो रही देरी अब अभ्यर्थियों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। कई भर्ती परीक्षाओं के परिणाम घोषित हो चुके हैं, कई पदों के इंटरव्यू भी संपन्न हो गए हैं, लेकिन चयन सूचियां अब तक जारी नहीं की गई हैं। इसके चलते हजारों उम्मीदवार अनिश्चितता की स्थिति में हैं।
सबसे ज्यादा नाराजगी डेंटल सर्जन और फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती को लेकर है। डेंटल सर्जन के 385 पदों के लिए इंटरव्यू काफी पहले पूरे हो चुके हैं, लेकिन अंतिम चयन सूची अभी तक जारी नहीं हुई है। इसी तरह फूड सेफ्टी ऑफिसर के 123 पदों के इंटरव्यू करीब डेढ़ माह पहले संपन्न हुए थे, लेकिन उम्मीदवार अब भी परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।
और भी खबरें: अंधे कत्ल का खुलासा : प्यार में बाधा बन रहा था पति, प्रेमी के साथ मिलकर करंट लगाकर दे दी मौत
पांच भर्तियों के परिणाम आए, इंटरव्यू बाकी
अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग की कार्यप्रणाली धीमी होने के कारण भर्ती कैलेंडर लगातार पीछे खिसक रहा है। वर्तमान में पांच बड़ी परीक्षाओं के परिणाम घोषित हो चुके हैं, लेकिन उनके इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाली भर्तियां भी प्रभावित होंगी और पूरा भर्ती चक्र अव्यवस्थित हो जाएगा।
1800 पदों पर इंटरव्यू का इंतजार
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा-2024 के तहत लगभग 1800 पदों पर नियुक्ति की जानी है। इसके लिए 17 विषयों के इंटरव्यू अभी बाकी हैं। संभावना जताई जा रही है कि इन इंटरव्यू को पूरा करने में ही वर्ष के अंत तक का समय लग सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 2024 भर्ती के इंटरव्यू समय पर पूरे नहीं हुए तो 2025 की सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा के 1249 पदों की प्रक्रिया भी प्रभावित होगी और उनके इंटरव्यू अगले वर्ष तक टल सकते हैं।
और भी खबरें: देवास से इंदौर आए थे नशे का सौदा करने: खजराना में ग्राहकों की तलाश कर रहे थे ड्रग तस्कर, चढ़े पुलिस के हत्थे
राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 एक साल पीछे
एमपीपीएससी के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 को लेकर है। यह परीक्षा पिछले वर्ष 9 से 14 जून के बीच प्रस्तावित थी, लेकिन न्यायालय के निर्देशों के कारण इसे रोक दिया गया था। तब से अब तक कई बार सुनवाई की तारीख लगी, लेकिन मामला सुनवाई सूची में नहीं आ सका। 15 मई को भी सुनवाई की उम्मीद थी, लेकिन मामला नहीं लग पाया। अब अभ्यर्थियों की नजर जून में संभावित सुनवाई पर टिकी हुई है। यदि जल्द फैसला नहीं हुआ तो परीक्षा को एक वर्ष का विलंब पूरा हो जाएगा, जिससे आगामी भर्ती चक्र भी प्रभावित हो सकता है।
और भी खबरें: MP School Education : मप्र के 1.21 लाख स्कूलों में नहीं हैं स्पोर्ट्स टीचर, सामान्य शिक्षक कराते हैं पीटी
स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस का रिजल्ट भी लंबित
स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस परीक्षा के अभ्यर्थी भी लंबे समय से परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। 22 मार्च को आयोजित इस परीक्षा में 32 पदों के लिए ढाई हजार से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे, लेकिन परिणाम अब तक घोषित नहीं किए गए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि परिणाम में देरी का सीधा असर इंटरव्यू और अंतिम नियुक्तियों पर पड़ेगा, जिससे भर्ती प्रक्रिया और लंबी हो जाएगी।
और भी खबरें: गंदगी में जम रही कुल्फी! शेक में मिल रहा अरारोट, नल के पानी और घटिया बर्फ से तैयार हो रही ठंडक
अभ्यर्थियों में बढ़ रही नाराजगी
लगातार बढ़ती देरी के कारण अभ्यर्थियों में असंतोष बढ़ रहा है। उनका कहना है कि वर्षों तक तैयारी करने के बाद परीक्षा और इंटरव्यू तो हो जाते हैं, लेकिन चयन सूची और नियुक्ति प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब उनके करियर को प्रभावित कर रहा है।












