PlayBreaking News

MP School Education :मप्र के 1.21 लाख स्कूलों में नहीं हैं स्पोर्ट्स टीचर, सामान्य शिक्षक कराते हैं पीटी

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत स्कूलों में खेल शिक्षकों को अनिवार्य किया गया है। लेकिन, स्कूलों में खेल शिक्षकों की भारी कमी है। स्थिति यह है कि प्रदेश के करीब 1.21 लाख स्कूल बिना खेल शिक्षक के चल रहे हैं। स्कूलों में अन्य शिक्षकों से काम चलाया जा रहा है।
Follow on Google News
मप्र के 1.21 लाख स्कूलों में नहीं हैं स्पोर्ट्स टीचर, सामान्य शिक्षक कराते हैं पीटी

रामचन्द्र पाण्डेय, भोपाल। स्कूलों में करीब 20 वर्षों से खेल शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है। स्कूल ​शिक्षा विभाग के पोर्टल से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में करीब 1.22 लाख स्कूल संचालित हो रहे हैं, इनमें से मात्र 1086 स्कूलों में ही खेल शिक्षक हैं। यानि 1,20,914 स्कूलों में कोई खेल शिक्षक नहीं है। वहीं राजधानी में 991 सरकारी स्कूलों में से मात्र 5 में ही खेल शिक्षक पदस्थ हैं। शेष 980 स्कूल सामान्य शिक्षक के भरोसे खेल का पीरियड चला रहे हैं। 

प्रायमरी और मिडिल स्कूलों में खेल शिक्षक का पद ही नहीं 

खेल प्रतिभाएं प्रायमरी स्कूलों से निखरती हैं, तब कहीं जाकर बच्चे मिडिल और हाईस्कूलों में पहुंचकर नाम रोशन करते हैं। लेकिन विभाग ने प्रायमरी और मिडिल स्कूलों में खेल शिक्षक के पद स्वीकृत ही नहीं किए हैं। प्रदेश के हायर सेकंडरी स्कूलों में खेल शिक्षक के पद हैं। इसमें भी 3815 स्कूलों में 2800 पद स्वीकृत किए गए। इनमें से 1086 स्कूलों में स्पोर्ट्स टीचर है। वहीं, 1998 से 2023 के बीच 350 शिक्षककर्मियों को खेल शिक्षक बनाया गया है।

भोपाल के पांच में से दो पद अगले साल तक होंगे खाली 

राजधानी भोपाल के स्कूलों में पदस्थ मात्र 5 खेल शिक्षकों में से ठाकुर प्रसाद मारण अगले माह और डीएस धुर्वे अगले वर्ष रिटायर हो रहे हैं। यानि अगले वर्ष तक केवल तीन खेल शिक्षक बविता तोमर, फरीदा वेग, अजीतपाल गिल शेष रहेंगे।

ये भी पढ़ें: जेईई एडवांस्ड 2026 में इंदौर का जलवा: रिद्धेश बने जोन टॉपर, कई छात्रों ने हासिल की शानदार रैंक

नेशनल और इंटरनेशनल खेलों की प्लानिंग कैसे होगी सफल 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ गेम, 2038 में ओलिंपिक और अन्य अंतर्राष्ट्रीय गेम कराने की घोषणा कर रहे हैं। यह स्थिति यह है प्रदेश के सरकारी स्कूलों की प्रदेश स्तरीय और राष्ट्रीय खेलों में 15 फीसदी भी नहीं है। वह भी सरकारी स्कूल के बच्चे केवल सस्ते खेल जैसे कबड्डी, कुस्ती, खोखो, फुटबाल, मलखम और एथेलेटिक्स जैसे खेल ही खेल पाते हैं।

फैक्ट फाइल - राजधानी की स्थिति 

  • कुल सरकारी स्कूल : 991
  • प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल : 860
  • हाई व हायर सेकंडरी स्कूल : 131
  • कुल खेल शिक्षक पदस्थ : 5

लंबे समय से स्पोर्ट्स टीचर नहीं  

हमारे स्कूल में लंबे समय से स्पोर्ट्स टीचर नहीं है। पिछले वर्ष तक हम गेस्ट फैकल्टी रखकर काम चला लेते थे, लेकिन इस वर्ष वह भी नहीं मिला। अब सामान्य शिक्षक ही बच्चों को पीटी आदि करा रहे हैं।

राकेश शुक्ला, प्राचार्य, शासकीय उमावि, नायसमंद भोपाल

ये भी पढ़ें: NEET UG 2026 विवाद: री-एग्जाम को लेकर सुप्रीम कोर्ट में नई जनहित याचिका, क्या बदलेगा परीक्षा का तरीका?

एक हजार स्पोर्ट्स टीचर्स की भर्ती चल रही है

यह सही है स्कूलों में खेल शिक्षकों की कमी है, लेकिन वर्तमान में करीब एक हजार खेल शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है, शीघ्र ही इनकी नियुक्ति हो जाएगी। इस नियुक्ति के बाद निश्चित ही प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं का रेसो बढ़ेगा।

आलोक खरे, जॉइंट डायरेक्टर, लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts