PM आवास के बाहर धरने पर बैठे राहुल हिरासत में :प्रियंका समेत कई विपक्षी नेता भी ले जाए गए

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आवास के पास मंगलवार को कांग्रेस का धरना करीब तीन घंटे तक चला। शाम करीब साढ़े छह बजे दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया। कांग्रेस शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही थी।
पुलिस और नेताओं के बीच हुई धक्का-मुक्की
धरना खत्म कराने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। बताया जा रहा है कि 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी प्रदर्शन स्थल पर तैनात किए गए। जब पुलिस राहुल गांधी तक पहुंचने लगी तो कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चारों ओर घेरा बना लिया।
करीब आधे घंटे तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की होती रही। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। आखिर में कई पुलिसकर्मियों ने राहुल गांधी को उठाकर पुलिस बस तक पहुंचाया। उनके साथ अन्य विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लेकर वहां से ले जाया गया।
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सरकार ने दो बार बातचीत की, लेकिन नहीं बनी सहमति
धरने के दौरान सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गोविंद मोहन प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने राहुल गांधी से करीब 20 मिनट तक बातचीत की और धरना खत्म करने की अपील की। इसके बाद जितेंद्र सिंह गृह मंत्री अमित शाह से मिलने गए। शाह से चर्चा के बाद वे दोबारा राहुल गांधी के पास पहुंचे और एक बार फिर बातचीत की, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी।
राहुल की मांग पर सरकार का दावा
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बाद में सोशल मीडिया पर बताया कि राहुल गांधी की पहली मांग थी कि संसद में NEET मुद्दे पर चर्चा कराई जाए। सरकार ने यह मांग स्वीकार कर ली थी। हालांकि, जितेंद्र सिंह के मुताबिक इसके बाद राहुल गांधी ने दूसरी शर्त भी रख दी। उन्होंने कहा कि अब केवल चर्चा नहीं, बल्कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी चाहिए। सरकार और कांग्रेस के बीच इसी मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी और आखिरकार पुलिस ने धरना समाप्त कराकर नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद दिल्ली की सियासत और गर्म हो गई है। विपक्ष छात्रों के मुद्दे और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सरकार को लगातार घेर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि संसद में चर्चा के लिए वह तैयार है।











