MP Weather Update : प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, दक्षिणी जिलों में हल्की बूंदाबांदी; भोपाल-ग्वालियर में खिलेगी धूप

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MP Weather Update : प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, दक्षिणी जिलों में हल्की बूंदाबांदी; भोपाल-ग्वालियर में खिलेगी धूप
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में हल्की बारिश और बादलों के छाए रहने की संभावना है, जबकि बाकी जिलों में धूप खिली रहेगी। हवा की दिशा में बदलाव की वजह से रातें अब ठंडी होने लगी हैं। वहीं आने वाले महीनों में लोगों को भीषण ठंड का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने नवंबर से फरवरी तक लंबी और तीखी सर्दी का पूर्वानुमान जताया है।

    इंदौर संभाग के चार जिलों में बूंदाबांदी

    मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर संभाग के चार जिलों बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में 18 अक्टूबर को हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। आसमान में बादल छाए रहेंगे और दिन के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है।

    वहीं भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत अन्य जिलों में मौसम साफ और धूप खिली रहेगी। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, 19 और 20 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। इन दिनों बारिश की कोई संभावना नहीं है।

    दिन में तेज धूप, रात में ठंडक

    हवा की दिशा में बदलाव की वजह से रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बीते दो दिनों में अधिकांश शहरों का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। सिर्फ छतरपुर के नौगांव में पारा 15 डिग्री दर्ज किया गया। दूसरी ओर दिन में धूप तेज बनी हुई है। उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर और खजुराहो में अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया गया।

    इस बार 2010 जैसी भीषण ठंड की आशंका

    मौसम विज्ञानियों के अनुसार, इस साल सर्दी का असर सामान्य से ज्यादा रहने की आशंका है। नवंबर से जनवरी तक का सामान्य ठंड का दौर इस बार फरवरी तक खिंच सकता है। आशंका जताई जा रही है कि, 2010 के बाद की सबसे भीषण ठंड इस बार देखने को मिल सकती है। सर्दियों में सामान्य से ज्यादा बारिश की भी संभावना है, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत के इलाकों में ज्यादा एक्टिव रहेंगे। 

    प्रदेश में मानसून की ‘हैप्पी एंडिंग’

    मौसम विभाग ने पुष्टि की है कि, 13 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है। इस साल मानसून 16 जून को एक्टिव हुआ था और लगभग 3 महीने 28 दिन तक रहा। राज्य में औसत से 15% अधिक बारिश दर्ज की गई, जो विभाग के अनुमान (106%) से भी ज्यादा रही।

    कहां ज्यादा और कहां हुई कम बारिश

    इस सीजन में गुना सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला रहा, जहां 65.7 इंच पानी गिरा। वहीं श्योपुर में 216.3% बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से दोगुनी रही। इसके विपरीत शाजापुर में सबसे कम सिर्फ 28.9 इंच (81.1%) बारिश हुई। उज्जैन, सीहोर और बैतूल में बारिश सामान्य के करीब रही (94% से ज्यादा)।

    विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार हुई अच्छी बारिश से पेयजल और सिंचाई दोनों के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध रहेगा। भू-जल स्तर भी सामान्य से बेहतर स्थिति में बना रहेगा।

    अगले दो दिन का पूर्वानुमान

    19 अक्टूबर (शनिवार): दक्षिणी जिलों में हल्की फुहारें, बाकी प्रदेश में धूप खिली रहेगी।

    20 अक्टूबर (रविवार): पूरे मध्यप्रदेश में मौसम साफ रहेगा, कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं है।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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    Source:AccuWeather
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