मध्य प्रदेश में अगले 24 घंटे भारी, 7 जिलों में होगी तेज बारिश, भोपाल में भी जारी रहेगा दौर

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है, वहीं शुक्रवार को कुछ जिलों में तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने जबलपुर और सागर संभाग के 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब ढाई से 4 इंच तक बारिश हो सकती है। भोपाल में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा और यहां हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
इन 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
शुक्रवार को टीकमगढ़, छतरपुर, कटनी, सीधी, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक, इन जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटे के दौरान इन इलाकों में करीब ढाई से 4 इंच तक पानी गिरने की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इन जिलों में भी होगी बारिश
प्रदेश के बाकी कई जिलों में भी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास और रतलाम में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में भी बारिश की संभावना है।
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28 से 30 अगस्त तक गरज-चमक का दौर
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, 28 से 30 अगस्त के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। हालांकि, हर जिले में भारी बारिश नहीं होगी। कुछ चुनिंदा इलाकों में ही तेज बारिश होने की संभावना है। 29 अगस्त को शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं 31 अगस्त को मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में तेज बारिश हो सकती है।
अब तक 26.5 इंच बारिश
मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक औसतन 674.6 मिलीमीटर यानी करीब 26.5 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश के मुकाबले करीब 2.7 इंच कम है। प्रदेश में इस समय तक सामान्य तौर पर करीब 29.2 इंच यानी 742.3 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। कुल मिलाकर प्रदेश में अब तक करीब 9 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश करीब 6 फीसदी कम है, जबकि पश्चिमी हिस्से में सामान्य से करीब 12 फीसदी कम पानी गिरा है।
37 जिले अब भी कम बारिश की कैटेगरी में
बारिश होने के बावजूद प्रदेश के कई जिले अभी भी सामान्य बारिश से पीछे चल रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक 37 जिले कम बारिश वाली कैटेगरी में हैं, जबकि सिर्फ 18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश की कमी करीब 19 फीसदी तक बताई जा रही है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी समेत कई जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई है।
पश्चिमी हिस्से में भी बारिश का गैप
पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिले भी बारिश के मामले में पीछे हैं। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। हालांकि, अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
जून की कम बारिश ने बढ़ाई परेशानी
इस बार मानसून की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 फीसदी कम बारिश हुई थी। इसके बाद जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश हुई, जिससे स्थिति कुछ बेहतर हुई और जुलाई का बारिश कोटा पूरा हो गया। लेकिन बाद में मानसून में दो बार ब्रेक आया। कई दिनों तक बारिश नहीं होने से बारिश का अंतर फिर बढ़ गया। महीने के आखिरी सप्ताह में एक बार फिर मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ और प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। इसके बावजूद जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी।
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सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच
मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन के दौरान सामान्य तौर पर करीब 37.3 इंच बारिश होती है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे प्रमुख जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच तक रहता है। फिलहाल प्रदेश में बारिश का दौर जारी है और आने वाले दिनों में भी कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। ऐसे में मौसम विभाग के अलर्ट वाले जिलों में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है।




















