श्यामपुर अस्पताल में डॉक्टर पर गिरी छत! हाथ में लगी चोट, 40 साल पुराने जर्जर भवन ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल

सीहोर। श्यामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों के कमरे की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। घटना के दौरान ओपीडी चालू थी और कमरे में डॉक्टर मरीजों की जांच कर रहे थे। छत का हिस्सा गिरने से ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अभिषेक दांगी के हाथ में चोट आई। गनीमत रही कि भारी प्लास्टर सीधे किसी मरीज या डॉक्टर के सिर पर नहीं गिरा, वरना स्थिति गंभीर हो सकती थी।
तेज आवाज के साथ गिरा प्लास्टर, मची अफरा-तफरी
बताया गया कि ओपीडी रूम में डॉक्टर अभिषेक दांगी और डॉक्टर राहुल मरीजों को देख रहे थे। इसी दौरान अचानक छत का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा। प्लास्टर गिरते ही कमरे में धूल का गुबार फैल गया और मरीजों तथा स्वास्थ्यकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ देर के लिए ओपीडी में इलाज का काम भी प्रभावित हुआ। हादसे में घायल डॉक्टर अभिषेक दांगी को प्राथमिक उपचार दिया गया।
ये भी पढ़ें: रक्षाबंधन पर सबसे पहले बाबा महाकाल को बांधी राखी, 2 फीट की खास राखी से हुआ श्रृंगार
छत से पहले ही टपक रहा था पानी
हादसे की तस्वीरें अस्पताल भवन की हालत की गंभीरता को सामने ला रही हैं। बताया जा रहा है कि बारिश के दौरान अस्पताल की छत से पानी टपक रहा था। लगातार सीपेज और नमी के कारण छत का प्लास्टर कमजोर हो गया था। गुरुवार को इसी कमजोर हिस्से का बड़ा टुकड़ा अचानक नीचे आ गिरा। सवाल यह है कि जब भवन में पानी टपकने और प्लास्टर उखड़ने की समस्या पहले से थी, तो मरीजों और डॉक्टरों को जोखिम वाले कमरे में क्यों रखा गया।
40 साल पुराना भवन, कई जगह जर्जर हालत
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मौजूदा भवन करीब 40 साल पुराना बताया जा रहा है। समय बीतने के साथ भवन की छत और दीवारों पर जर्जरता साफ दिखाई देने लगी है। कई स्थानों पर प्लास्टर उखड़ रहा है और बारिश के दिनों में सीलन की समस्या बढ़ जाती है। स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना इलाज के लिए आने वाले मरीजों के साथ डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी भी इसी भवन में काम करते हैं।
डॉक्टर ही सुरक्षित नहीं तो मरीजों की सुरक्षा का क्या?
इस घटना ने स्वास्थ्य केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल वह स्थान है जहां मरीज इलाज और सुरक्षा की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन यदि उसी भवन की छत अचानक मरीजों और डॉक्टरों के बीच गिरने लगे तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जर्जर भवन की स्थिति को देखते हुए विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए।
नए भवन का निर्माण चल रहा, पुराने भवन को गिराने के लिए पत्राचार
श्यामपुर बीएमओ डॉ. नवीन मेहर ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन करीब 40 साल पुराना है। भवन को गिराने के लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि नए भवन का निर्माण कार्य भी चल रहा है। हालांकि, नया भवन तैयार होने तक पुराने भवन में मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।
ये भी पढ़ें: ‘वीरू’ बनकर दोस्ती, फिर वारिस का सच आया सामने: अश्लील वीडियो से ब्लैकमेलिंग का आरोप
हादसे के बाद तत्काल सुरक्षा उपायों की जरूरत
गुरुवार की घटना में बड़ा नुकसान नहीं हुआ लेकिन यह चेतावनी जरूर दे गई है कि भवन की जर्जर हालत को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि पुराने भवन के ऐसे हिस्सों की तत्काल जांच कराई जाए, जहां छत या प्लास्टर गिरने का खतरा है। साथ ही मरीजों और कर्मचारियों को जोखिम वाले कमरों से दूर रखने तथा नए भवन का निर्माण जल्द पूरा कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
इनका कहना है
“ओपीडी के दौरान अचानक छत का प्लास्टर नीचे गिर गया, जिससे मेरे हाथ में चोट आई है। भवन में कई जगह पानी टपकने और सीपेज की समस्या है- डॉ. अभिषेक दांगी, घायल चिकित्सा अधिकारी
EDIT BY: ADITI RAWAT




















