नेपाल में सेना का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन, त्रिशूली हाइड्रोपावर की टनल में फंसे 350 लोग सुरक्षित बाहर निकाले

नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। रसुवा जिले में नेपाली सेना ने अपर त्रिशूली हाइड्रोपावर की टनल में फंसे 350 मजदूरों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। इनमें कई भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। तेज पानी के बहाव और खराब मौसम के बीच सेना ने यह रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। हालांकि, टनल के अंदर अभी भी 100 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की जानकारी है। उन्हें भी सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश जारी है।
टनल में फंसे लोगों को निकालने में जुटी सेना
रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान त्रिशूली स्थित नंबर-1 सेकेंड मूवमेंट टैक्टिकल हेडक्वार्टर के वारंट ऑफिसर भक्तजन बसनेट संभाल रहे हैं। इसके अलावा धुंचे स्थित एसक्यूआर बैरक से सेकेंड लेफ्टिनेंट अभिषेक शाही के नेतृत्व में एक दूसरी टीम भी रेस्क्यू अभियान में लगी है। इस टीम ने स्याफ्रुबेसी, टिमुरे, मैलुंग, थुलो हाकु और हाकुबेसी जैसे संवेदनशील इलाकों से 533 लोगों को सुरक्षित निकाला।
रसुवा में 883 लोगों को सुरक्षित निकाला
नेपाली सेना के मुताबिक, गुरुवार देर शाम तक रसुवा जिले में कुल 883 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बाढ़ से कटे हुए और बेहद खतरनाक इलाकों में यह अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा। सेना और बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं।
नेपाल में फिर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा
नेपाल अभी 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया है कि एक बार फिर नई बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। भोटेकोशी नदी में पानी का स्तर बढ़ने की आशंका के बीच प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। तिब्बत की तरफ बने एक बांध के टूटने की खबरों के बाद यह खतरा और बढ़ गया है। नेपाल पुलिस और नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के फ्लड फोरकास्टिंग डिविजन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
इन नदियों के किनारे रहने वालों को अलर्ट
भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदी के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। रसुवा और नुवाकोट में हाई अलर्ट जारी है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है। बिदुर और त्रिशूली बाजार के आसपास तैनात डोजर और बचाव उपकरणों को भी सुरक्षित स्थानों पर हटा दिया गया है।

कई जिलों में रेस्क्यू टीमें अलर्ट
नेपाल-चीन सीमा और नदी किनारे कई इलाकों में आवाजाही रोक दी गई है। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, चितवन और नवलपरासी में रेस्क्यू टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। 26 अगस्त की बाढ़ में अब तक 470 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ग्लेशियर टूटने के बाद पानी, बर्फ और मलबा ल्हेंडे खोला से भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में पहुंचा था। इसके कारण सड़कें, पुल और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बुरी तरह प्रभावित हुए।
431 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता प्रभावित
बाढ़ और मलबे की वजह से नेपाल में करीब 431 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता भी प्रभावित हुई है। कई इलाकों में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। अब प्रशासन ऊपरी इलाकों में बनी बैरियर लेक और अस्थिर जलाशयों पर भी नजर रख रहा है। अधिकारियों ने लोगों से नदी घाटियों और संवेदनशील सड़कों पर जाने से बचने की अपील की है। नेपाल में एक तरफ सेना और बचाव दल फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ नई बाढ़ की आशंका ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।




















