PlayBreaking News

MP Government Schools:ढाई महीने बाद भी 26 लाख से ज्यादा बच्चों को पूरी किताबें नहीं, 8.15 लाख छात्र अब तक एक भी पुस्तक से वंचित

मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में सत्र शुरू होने के ढाई महीने बाद भी 26.18 लाख विद्यार्थियों को पूरी किताबें नहीं मिली हैं, जबकि 8.15 लाख छात्र अब तक एक भी पाठ्यपुस्तक से वंचित हैं। राज्य शिक्षा केंद्र की रिपोर्ट में भोपाल समेत कई जिलों की स्थिति चिंताजनक बताई गई है।
Follow on Google News
ढाई महीने बाद भी 26 लाख से ज्यादा बच्चों को पूरी किताबें नहीं, 8.15 लाख छात्र अब तक एक भी पुस्तक से वंचित
AI Generated Image

मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए ढाई महीने से अधिक समय बीत चुका है लेकिन लाखों विद्यार्थियों को अब तक पूरी पाठ्यपुस्तकें नहीं मिल सकी हैं। राज्य शिक्षा केंद्र की समीक्षा रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 26.18 लाख से अधिक विद्यार्थियों को अभी तक सभी विषयों की किताबें नहीं मिली हैं जबकि 8.15 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं को एक भी पुस्तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। रिपोर्ट ने राजधानी भोपाल की स्थिति को सबसे चिंताजनक बताया है जहां किताब वितरण, RTI फीस प्रतिपूर्ति और विद्यार्थियों के नामांकन जैसे मामलों में जिला प्रदेश में सबसे पीछे है।

सत्र शुरू हुए ढाई महीने, फिर भी अधूरी व्यवस्था

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल 2026 से शुरू हुआ था। नियमानुसार विद्यार्थियों को 15 अप्रैल तक सभी पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जानी थीं लेकिन तय समय पर वितरण पूरा नहीं हो सका। गर्मी की छुट्टियों के बाद 16 जून से स्कूल दोबारा खुल गए लेकिन तब भी अधिकांश विद्यार्थियों को किताबें नहीं मिलीं। जुलाई का महीना भी गुजरने के बाद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया।

राज्य शिक्षा केंद्र की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

राज्य शिक्षा केंद्र की समीक्षा बैठक के बाद 14 जुलाई 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कक्षा 1 से 8 तक कुल 55,37,846 विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ है। रिपोर्ट के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • 21,04,032 विद्यार्थियों को सभी विषयों की किताबें मिल चुकी हैं।
  • 26,18,415 विद्यार्थियों को केवल कुछ विषयों की पुस्तकें मिली हैं।
  • 8,15,388 विद्यार्थियों को अब तक एक भी किताब उपलब्ध नहीं कराई गई है।

हालांकि मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम का दावा है कि करीब 97% किताबें जिलों तक भेजी जा चुकी हैं।

भोपाल सबसे पीछे

राजधानी भोपाल किताब वितरण के मामले में प्रदेश के सभी 55 जिलों में सबसे अंतिम स्थान पर है।

  • जिले में पहली से आठवीं तक 63,890 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है।
  • 26,854 विद्यार्थियों (करीब 42%) को सभी किताबें मिल चुकी हैं।
  • 16,345 विद्यार्थियों को कुछ किताबें मिली हैं।
  • 20,691 विद्यार्थी ऐसे हैं जिन्हें अब तक एक भी पुस्तक नहीं मिली।

ये भी पढ़ें: वंदे भारत भी नहीं चल पाएगी! ट्रेन की पटरी पर पड़े ये पत्थर करते हैं इतना बड़ा काम, 99% लोग नहीं जानते

इन जिलों में भी हजारों छात्र किताबों का इंतजार कर रहे हैं

भोपाल के अलावा कई जिलों में भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी अभी पाठ्यपुस्तकों से वंचित हैं।

  • ग्वालियर - 20,063
  • इंदौर - 19,456
  • जबलपुर - 18,242
  • शिवपुरी - 30,581
  • खरगोन - 24,320
  • छतरपुर - 23,937
  • गुना - 23,909
  • सागर - 23,909
  • झाबुआ - 23,688
  • धार - 23,603
  • मंडला - 23,111
  • मुरैना - 22,755
  • बड़वानी - 21,345

ये भी पढ़ें: MP Alderman Appointment: भोपाल समेत 13 नगर निगमों में एल्डरमैन घोषित, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर को करना होगा इंतजार

राज्य शिक्षा केंद्र ने दिए निर्देश

राज्य शिक्षा केंद्र के अपर संचालक डॉ. अरुण सिंह ने कहा कि कुछ जिलों में तकनीकी कारणों से किताबों का वितरण प्रभावित हुआ है। वहीं, कई स्कूलों ने किताबें बांटने के बाद भी शिक्षा पोर्टल 3.0 पर जानकारी अपडेट नहीं की है। उन्होंने सभी जिला परियोजना समन्वयकों (DPC) को निर्देश दिए हैं कि वे वितरण की समीक्षा कर जल्द से जल्द सभी विद्यार्थियों तक सभी विषयों की पाठ्यपुस्तकें पहुंचाएं और पोर्टल पर संबंधित जानकारी भी अपडेट करें।

Sumit Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts