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मोकामा हत्याकांड में बड़ा खुलासा :गोली नहीं… फेफड़ा फटने से हुई थी दुलारचंद की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पलट दी कहानी

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गोली नहीं… फेफड़ा फटने से हुई थी दुलारचंद की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पलट दी कहानी
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पटना/मोकामा। बिहार के मोकामा में जन सुराज समर्थक दुलारचंद यादव की मौत को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सनसनी फैला दी है। अब तक माना जा रहा था कि, दुलारचंद की मौत गोली लगने से हुई, लेकिन मेडिकल बोर्ड की जांच ने पूरी कहानी पलट दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मौत फेफड़ा फटने (लंग रप्चर)  और सीने की कई पसलियां टूटने (रिब फ्रैक्चर) से हुई है। ये चोटें इतनी गंभीर थीं कि, इंटर्नल ब्लीडिंग हुई और मौके पर ही उनकी जान चली गई।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

    तीन डॉक्टरों की टीम ने दुलारचंद यादव का पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट में सामने आया कि, उनके शरीर पर कई गहरे घाव, चोट और खून जमने के निशान मिले। जांच के दौरान फेफड़ा फटा हुआ मिला, सीने की दाहिनी तरफ कई पसलियां टूटी हुईं थीं, रीढ़ की हड्डी के पास चोटों के निशान मिले। इसके अलावा सिर, पीठ, घुटनों और टखनों पर गहरे जख्म थे।

    डॉक्टरों ने बताया कि, उनके दाहिने पैर के एंकल के पास गोली लगी थी, जो आर-पार निकल गई। इस गोली से मौत होना संभव नहीं है। इसका मतलब है कि, दुलारचंद यादव की मौत गोली से नहीं, बल्कि सीने पर जोरदार प्रहार या दबाव पड़ने से हुई।

    मौत का कारण ब्लंट इंजरी टू चेस्ट एंड हेड

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा गया है कि, मौत का कारण कार्डियो-पल्मोनरी फेल्योर विद ब्लंट इंजरी टू चेस्ट एंड हेड है। इसका मतलब है कि, छाती और सिर पर जोरदार चोटों व फेफड़े फटने से हृदय और सांस प्रणाली ने काम करना बंद कर दिया। रिपोर्ट में मौत के समय अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव की भी पुष्टि हुई, जिससे व्यक्ति का शरीर शॉक में चला गया।

    कैसे हुई घटना 

    यह पूरा मामला मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र के तारतार गांव का है। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने पहले दुलारचंद यादव के पैर में गोली मारी और फिर उन पर गाड़ी चढ़ा दी। इसी वजह से उनकी पसलियां टूट गईं और फेफड़े फट गए। घटना के पीछे चुनावी रंजिश बताई जा रही है। दुलारचंद यादव पहले मोकामा सीट से चुनाव लड़ चुके थे और इस बार जन सुराज अभियान से जुड़े थे।

    हत्या के बाद इलाके में तनाव फैल गया। मृतक के पोते नीरज कुमार ने जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह पर हत्या की साजिश का आरोप लगाया। वहीं अनंत सिंह ने जवाब में कहा कि, यह घटना आरजेडी प्रत्याशी सूरजभान सिंह के गुट की करतूत है। दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने हैं। इस बीच, चुनाव आयोग ने DGP से रिपोर्ट मांगी है। 

    तीन थानों में मामला दर्ज

    इस हत्याकांड में अब तक चार एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।

    पहली FIR: मृतक के पोते नीरज कुमार द्वारा- अनंत सिंह, उनके भतीजे राजवीर, कर्मवीर और छोटन सिंह को नामजद।

    दूसरी FIR: अनंत सिंह के समर्थक जितेंद्र कुमार द्वारा- जन सुराज प्रत्याशी प्रियदर्शी पियूष और उनके सहयोगियों पर आरोप।

    तीसरी FIR: पुलिस ने खुद संज्ञान लेकर हत्या की जांच के लिए एफआईआर दर्ज की।

    चौथी FIR: शव यात्रा के दौरान वीणा देवी के काफिले पर हमले के मामले में पंडारक थाने में दर्ज हुई।

    शव यात्रा के दौरान हिंसा

    दुलारचंद यादव की शव यात्रा के दौरान माहौल और बिगड़ गया। पंडारक बाजार के पास भीड़ में पत्थरबाज़ी और मारपीट शुरू हो गई। वीणा देवी (आरजेडी प्रत्याशी और सूरजभान सिंह की पत्नी) के काफिले पर हमला हुआ। कई गाड़ियों के शीशे तोड़े गए। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद स्थिति कुछ समय के लिए नियंत्रण से बाहर हो गई।

    मोकामा विधानसभा सीट पर इस बार सीधा मुकाबला

    मोकामा विधानसभा सीट पर इस बार सीधा मुकाबला दो बाहुबलियों अनंत सिंह (JDU) और सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी (RJD) के बीच है। ऐसे में यह हत्याकांड केवल आपराधिक मामला नहीं, बल्कि राजनीतिक टकराव का प्रतीक बन गया है।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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