ओल्ड मोंक के बाद मैकडॉवेल्स नंबर वन भी जांच में फेल:एफएसएसएआई ने बारामती प्लांट के उत्पादों की बिक्री पर लगाई रोक

इंदौर। देश के सबसे लोकप्रिय शराब ब्रांडों में शुमार मैकडॉवेल्स नंबर वन रम भी अब भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की जांच के घेरे में आ गई है। कुछ दिन पहले ओल्ड मोंक रम पर हुई कार्रवाई के बाद अब महाराष्ट्र के बारामती स्थित प्लांट में तैयार मैकडॉवेल्स नंबर वन रम का नमूना भी जांच में निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरा। जांच रिपोर्ट में उत्पाद को लेबलिंग नियमों का उल्लंघन करने वाला, उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाला और गुणवत्ता मानकों से कम स्तर का बताया गया है। इसके बाद संबंधित प्लांट में तैयार इस उत्पाद की बिक्री पर रोक लगाने के आदेश जारी किए गए हैं।
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एफएसएसएआई के अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान पाया गया कि जिस उत्पाद को रम के रूप में बेचा जा रहा था, उसके लेबल पर 'रम फ्लेवर' का उल्लेख था। अधिकारियों का मानना है कि यह उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाला है और निर्धारित लेबलिंग मानकों का उल्लंघन करता है। इसी आधार पर संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बारामती प्लांट से तैयार उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा दी गई।
इंदौर के बाजार में भी मिला 'रम फ्लेवर' का उल्लेख
इंदौर के बाजार में बिक रही मैकडॉवेल्स नंबर वन रम की बोतलों पर भी 'रम फ्लेवर' लिखा मिला। यही शब्दावली कुछ समय पहले ओल्ड मोंक रम के मामले में भी विवाद का कारण बनी थी। इसके बाद एफएसएसएआई ने इंदौर से भी मैकडॉवेल्स नंबर वन रम सहित विभिन्न ब्रांडों की शराब के छह नमूने जांच के लिए लिए हैं। इनकी रिपोर्ट अभी आना बाकी है, लेकिन महाराष्ट्र की रिपोर्ट के बाद स्थानीय स्तर पर भी जांच को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।
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गोवा और औरंगाबाद के नमूनों की भी जांच अंतिम चरण में
सूत्रों के मुताबिक एफएसएसएआई ने केवल बारामती ही नहीं, बल्कि गोवा, औरंगाबाद सहित कई अन्य स्थानों से भी शराब के नमूने एकत्र किए हैं। इनकी जांच अंतिम चरण में है। यदि इन रिपोर्टों में भी इसी तरह की अनियमितताएं सामने आती हैं तो अन्य उत्पादों पर भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
देश की सबसे बड़ी शराब कंपनियों में शामिल है यूनाइटेड स्पिरिट्स
मैकडॉवेल्स नंबर वन रम का निर्माण यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड द्वारा किया जाता है, जो भारत की सबसे बड़ी शराब कंपनियों में गिनी जाती है। कंपनी के पोर्टफोलियो में मैकडॉवेल्स नंबर वन, रॉयल चैलेंज, सिग्नेचर, एंटीक्विटी, बैगपाइपर, डायरेक्टर्स स्पेशल, ब्लैक डॉग, ब्लैक एंड व्हाइट, जॉनी वॉकर, स्मरनॉफ, कैप्टन मॉर्गन, टैनक्वेरे और गॉर्डन्स जैसे कई भारतीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड शामिल हैं।
वर्ष 2014 से यूनाइटेड स्पिरिट्स का नियंत्रण ब्रिटेन की बहुराष्ट्रीय कंपनी डियाजियो पीएलसी के पास है। डियाजियो दुनिया की अग्रणी प्रीमियम मादक पेय कंपनियों में शामिल है और उसके उत्पाद 180 से अधिक देशों में बिकते हैं। महाराष्ट्र के बारामती ग्रेप इंडस्ट्रीज लिमिटेड स्थित प्लांट को कंपनी का प्रमुख विनिर्माण और बॉटलिंग केंद्र माना जाता है।
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ओल्ड मोंक के बाद बढ़ी निगरानी
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ओल्ड मोंक रम के नमूने भी महाराष्ट्र में जांच के दौरान मानकों पर खरे नहीं उतरे थे। इसके बाद संबंधित उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई गई थी। इसी कार्रवाई के बाद एफएसएसएआई ने राज्य के विभिन्न विनिर्माण केंद्रों से अन्य शराब ब्रांडों के नमूने भी जांच के लिए लेना शुरू किया था। इन्हीं में बारामती स्थित प्लांट से मैकडॉवेल्स नंबर वन रम का नमूना लिया गया था, जिसे मुंबई स्थित प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा गया था।












