सीहोर : पुरी की तर्ज पर निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, हजारों श्रद्धालुओं ने रस्सी से खींचा रथ
सीहोर। धार्मिक आस्था, सनातन संस्कृति और जन-जन की श्रद्धा का अद्भुत संगम गुरुवार को सीहोर की सड़कों पर देखने को मिला, जब भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा पुरी की तर्ज पर पूरे वैभव और उत्साह के साथ निकाली गई। जगदीश मंदिर परमार क्षत्रिय समाज ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस ऐतिहासिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ को रस्सियों से खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे शहर में "जय जगन्नाथ" के जयघोष गूंजते रहे और वातावरण भक्तिमय हो उठा।
महाआरती के साथ हुआ रथयात्रा का शुभारंभ
रथयात्रा की शुरुआत सुबह जगदीश मंदिर, छावनी में भगवान की महाआरती और विशेष पूजन-अर्चन के साथ हुई। सुसज्जित रथ में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा विराजमान थे। मंदिर परिसर से निकली यात्रा नमक चौराहा, बड़ा बाजार, कोतवाली चौराहा, आनंद डेयरी चौराहा सहित प्रमुख मार्गों से होती हुई स्वर्णकार मांगलिक भवन पहुंची। रथयात्रा प्रारंभ होने से पहले अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा, संत दुर्गाप्रसाद कटारे, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, विधायक सुदेश राय, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर सहित अनेक जनप्रतिनिधि और समाज के वरिष्ठजन भगवान के दर्शन कर रथयात्रा में शामिल हुए। समाज के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों का पुष्पमालाओं से स्वागत किया।
पुष्पवर्षा और सेवा भाव ने जीता श्रद्धालुओं का मन
रथयात्रा के मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और धार्मिक संस्थाओं ने श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। कई स्थानों पर शीतल पेय, प्रसादी और जल सेवा की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भगवान के रथ को खींचा और भजन-कीर्तन करते हुए यात्रा में शामिल रहे।
दिल्ली के कलाकारों ने बिखेरा सांस्कृतिक रंग
रथयात्रा में दिल्ली से आए कलाकारों ने धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। भजन मंडलियों, ढोल-नगाड़ों, डीजे और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि से पूरा शहर भक्तिरस में डूबा नजर आया। संत-महात्माओं की उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक गरिमामय बना दिया।
तीन घंटे तक प्रभावित रहा यातायात
हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर लगभग तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। हालांकि पुलिस और प्रशासन की टीम पूरे समय मुस्तैद रही और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार मोर्चा संभाले रखा। सुरक्षा व्यवस्था के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे।
सनातन धर्म की एकता का संदेश
अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा सनातन धर्म की एकता, प्रेम और भाईचारे का संदेश देती है। भगवान जगन्नाथ सभी भक्तों पर समान कृपा बरसाते हैं और उनका आशीर्वाद सभी के लिए कल्याणकारी है। वहीं संत दुर्गाप्रसाद कटारे ने कहा कि जगदीश मंदिर शहर की प्राचीन धार्मिक धरोहर है और ऐसे आयोजन समाज में संस्कृति, संस्कार तथा आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं।
रथयात्रा सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक : करण सिंह वर्मा
राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि भगवान जगदीश स्वामी की रथयात्रा आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। धर्म हमें सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है और ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है तथा समाज में भाईचारा, सहयोग और एकता की भावना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को संस्कारों और परंपराओं से जोड़ते हैं : इंदर सिंह परमार
उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि भगवान जगदीश स्वामी की रथयात्रा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्था का प्रतीक है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं, संस्कारों और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ना आवश्यक है तथा सभी नागरिकों को सामाजिक सद्भाव के साथ प्रदेश और देश के विकास में सक्रिय योगदान देना चाहिए।
मंडी में भी निकाली भगवान श्री जगदीश की भव्य रथयात्रा
भगवान श्री जगदीश रथयात्रा के पावन अवसर पर मंडी क्षेत्र द्वारा श्रद्धा और उत्साह के साथ भव्य रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा का शुभारंभ मंडी स्थित राधेश्याम मंदिर से हुआ, जो मंडी क्षेत्र के प्रमुख मार्गों से होती हुई वर्कशॉप रोड स्थित श्रीराम मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ को रस्सी से खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे मार्ग में भक्तों ने जयघोष के साथ रथयात्रा का स्वागत किया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
भक्ति और उल्लास से सराबोर रहा पूरा शहर
शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं का उत्साह, संतों के आशीर्वचन, पुष्पवर्षा, भजन-कीर्तन और धार्मिक उल्लास ने पूरे सीहोर को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। पुरी की तर्ज पर निकली यह भव्य रथयात्रा एक बार फिर शहर की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का भव्य प्रतीक बन गई।
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