West Bengal Politics:ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका, टीएमसी की राज्यसभा सांसद कोयल मलिक ने दिया इस्तीफा

कोयल मलिक का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब एक दिन पहले ही TMC विधायक मदन मित्रा पार्टी के सभी पद छोड़कर बागी गुट में शामिल हो चुके हैं। लगातार हो रहे इस्तीफों से पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ रहा है। राज्यसभा से टीएमसी सांसदों के इस्तीफों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बंगाल की सियासत में आने वाले दिनों में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
राज्यसभा सांसद कोयल मलिक ने दिया इस्तीफा
तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रुक्मिणी मलिक उर्फ कोयल मलिक ने गुरुवार को अपनी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन को संबोधित पत्र के माध्यम से सौंपा। पत्र में उन्होंने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया और अपने पूरे कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए सभापति, उपसभापति, राज्यसभा सचिवालय का आभार भी व्यक्त किया।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से की मुलाकात
राज्यसभा से इस्तीफा देने के तुरंत बाद कोयल मलिक ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपने भविष्य की राजनीतिक रणनीति का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इस मुलाकात ने टीएमसी के भीतर बढ़ती बेचैनी को और गहरा कर दिया है।
मदन मित्रा के बाद पार्टी को दूसरा बड़ा झटका
कोयल मलिक का इस्तीफा ऐसे समय सामने आया है, जब एक दिन पहले ही टीएमसी विधायक मदन मित्रा पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देकर ऋतब्रत बनर्जी के बागी गुट में शामिल हो गए थे। लगातार दो बड़े नेताओं के अलग होने से पार्टी संगठन पर दबाव बढ़ गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यह सिलसिला जारी रहा तो विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी को संगठनात्मक स्तर पर बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
संकटों में घिरी टीएमसी
कोयल मलिक राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने वाली टीएमसी की चौथी सांसद बन गई हैं। इससे पहले सुखेंदु शेखर रॉय, प्रकाश चिक बराइक और सुस्मिता देब भी अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। लगातार हो रहे इन इस्तीफों ने पार्टी की अंदरूनी स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीजेपी भी इसे टीएमसी के भीतर बढ़ते असंतोष और नेतृत्व संकट से जोड़कर देख रहा है।
बदलते सियासी समीकरणों से बढ़ी ममता की चुनौती
राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों पर टीएमसी के नेताओं का पार्टी छोड़ना ममता बनर्जी के लिए बड़ी राजनीतिक चिंता बनता जा रहा है। पार्टी छोड़ने वाले कई नेता बीजेपी या एनडीए समर्थक दलों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। इससे पहले भी टीएमसी के कई सांसद अलग होकर एनडीए समर्थित नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया के साथ विलय कर चुके हैं। लगातार बदलते इन राजनीतिक समीकरणों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को नई दिशा दे दी है।












