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Maharashtra CM : स्वस्थ होकर मुंबई लौटे एकनाथ शिंदे, खत्म किया महाराष्ट्र के CM का सस्पेंस, गांव में दिया बड़ा बयान

एकनाथ शिंदे ने कहा, "मैंने अपनी भूमिका स्पष्ट कर दी है। हमारी सरकार जनता की आवाज वाली सरकार है। हम वही करेंगे जो जनता के हित में होगा।"
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Maharashtra CM : स्वस्थ होकर मुंबई लौटे एकनाथ शिंदे, खत्म किया महाराष्ट्र के CM का सस्पेंस, गांव में दिया बड़ा बयान
मुंबई। महाराष्ट्र महायुति के मुख्यमंत्री पद को लेकर अभी भी मंथन जारी है। इसी बीच शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे बीते शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने की शिकायत की वजह से अपने पैतृक गांव सतारा लौट गए थे। हालांकि, राजनीतिक पंडितों का यह मानना है कि वह मंत्रालय के बंटवारे से असंतुष्ट हैं। रविवार को शिंदे सतारा के एक मंदिर गए और कुछ देर बाद मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह जो भी फैसला लेंगे, वह उसे पूरी तरह समर्थन देंगे। उन्होंने कहा, "मैंने अपनी भूमिका स्पष्ट कर दी है। हमारी सरकार जनता की आवाज वाली सरकार है। हम वही करेंगे जो जनता के हित में होगा।"

5 दिसंबर को होगा शपथ ग्रहण

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आए हुए 8 दिन हो चुके हैं, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं हुई है। महायुति गठबंधन के अंदर चल रहे मुद्दों ने राजनीतिक स्थिति को उलझा दिया है। इस बीच, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने घोषणा की है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 5 दिसंबर को मुंबई के आजाद मैदान में होगा। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी समारोह में मौजूद होंगे।

3 दिसंबर को होगी भाजपा विधायक दल की बैठक

सूत्रों के मुताबिक, 3 दिसंबर को भाजपा विधायक दल की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में दिल्ली से दो पर्यवेक्षक मुंबई आएंगे और विधायकों से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा करेंगे। भाजपा ने पहले ही साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री भाजपा का होगा। डिप्टी सीएम पद शिवसेना और एनसीपी को दिए जाएंगे। डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा है कि गठबंधन के तहत भाजपा का मुख्यमंत्री होना तय है।

शिंदे ने विपक्ष पर साधा निशाना

आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी पर निशाना साधते हुए कहा, "महाराष्ट्र की जनता ने विपक्ष को इतनी भी ताकत नहीं दी कि वे विपक्ष के नेता को चुन सकें। हमारी सरकार जनता की सरकार है और हम वही करेंगे जो राज्य के विकास के लिए जरूरी है।"

गृह मंत्रालय को लेकर टकराव

महायुति के अंदर सबसे बड़ा विवाद गृह मंत्रालय को लेकर है। महाराष्ट्र डिप्टी सीएम रहते हुए देवेंद्र फडणवीस के पास पहले से ही यह मंत्रालय था और वे इसे छोड़ना नहीं चाहते। वहीं दूसरी ओर, शिंदे गुट का तर्क है कि अगर डिप्टी सीएम का पद उन्हें मिल रहा है तो गृह मंत्रालय भी उन्हें दिया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक में भी समाधान नहीं निकला।

मंत्रालयों के बंटवारे में किसे क्या मिलने की उम्मीद

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा गृह, राजस्व, उच्च शिक्षा, कानून, ऊर्जा, और ग्रामीण विकास मंत्रालय अपने पास रखना चाहती है। शिवसेना को हेल्थ, शहरी विकास, सार्वजनिक कार्य और उद्योग जैसे विभाग देने का प्रस्ताव है। वहीं, अजित पवार गुट को वित्त, योजना, सहयोग और कृषि मंत्रालय की पेशकश की गई है। बावजूद इसके, गठबंधन के भीतर मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है। ये भी पढ़ें- इंदौर में जेपी नड्‌डा बोले- 2030 तक एड्स के खात्मे के लिए तय किया ‘95-95-95′ का फॉर्मूला, विपक्ष पर तंज- ‘देश बदल चुका है, बस तुम्हारा स्टेटस नहीं बदला’
People's Reporter
By People's Reporter

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