महादेव बेटिंग ऐप केस : एक्टर साहिल खान को मुंबई पुलिस की SIT ने किया गिरफ्तार, 15 हजार करोड़ के फ्रॉड का आरोप

Mahadev Book Betting Case। महादेव बेटिंग केस में बॉलीवुड एक्टर साहिल खान को मुंबई पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। मुंबई क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने एक्टर को छत्तीसगढ़ से शनिवार रात हिरासत में लिया। साहिल पर 15 हजार करोड़ रुपए के फ्रॉड का आरोप है। इस मामले में मुंबई पुलिस एसआईटी उनसे पहले पूछताछ कर चुकी है। एक्टर ने जमानत के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी, जो खारिज कर दी गई।
एक्टर साहिल खान हुए गिरफ्तार
एक्टर साहिल खान को छत्तीसगढ़ से हिरासत में लिया गया, जहां से उन्हें मुंबई लाया जा रहा है। वह लोटस बुक 24/7 नामक एक सट्टेबाजी ऐप वेबसाइट में भागीदार है, जो महादेव सट्टेबाजी ऐप नेटवर्क का हिस्सा है। एक्टर पर लायन बुक ऐप को प्रमोट और उनके इवेंट्स अटेंड करने का आरोप लगा है। लायन बुक को प्रमोट करने के बाद उन्होंने बतौर पार्टनर लोटस बुक 24/7 ऐप लॉन्च किया। दुबई में हुई बेटिंग ऐप की एक पार्टी में साहिल खान नजर आए थे। साहिल खान के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई थी। एक्टर पर IPC की धारा 420,467,468,471,120(B) और जुआ एक्ट, IT एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। बता दें कि, इस मामले में अब तक कई एक्टर्स के नाम सामने आ चुके हैं।
एक्टर से फिटनेस इंफ्लुएंसर बने साहिल
एक्टर साहिल खान बॉडी बिल्डिंग करते हैं और अपनी फिटनेस के लिए जाने जाते हैं। साहिल को Excuse Me और स्टाइल जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। इसके अलावा उन्हें ये है जिंदगी, डबल क्रॉस, अलादीन और Ramaa: The Saviour जैसी फिल्मों में देखा गया। लेकिन कुछ समय बाद वे फिल्में छोड़ फिटनेस इंफ्लुएंसर बन गए। एक्टर Divine Nutrition नाम की एक कंपनी चलाते हैं, जो कि फिटनेस सप्लिमेंट्स बेचती है।क्या है महादेव बेटिंग ऐप ?
महादेव बेटिंग ऐप केस एक हाई-प्रोफाइल घोटाला है, जिसमें एक ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म शामिल है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल और यहां तक की चुनावों में भी अवैध तरीके से सट्टा लगाया जाता है। अवैध सट्टे के नेटवर्क के जरिये ऐप का जाल तेजी से फैला और सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खुले। इस ऐप से धोखाधड़ी के लिए एक पूरा खाका बनाया गया था।फ्रेंचाइजी के रूप में चलाता है ऐप
महादेव बेटिंग ऐप कई ब्रांच से चलाया जाता है। हर ब्रांच के दो मुख्य प्रमोटर हैं। सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल। दोनों फ्रेंचाइजी के रूप में आईडी बेचते थे। यूजर को शुरुआत में खूब फायदा मिलता है, लेकिन बाद में बड़ा नुकसान झेलना पड़ता है। फायदे का 80% हिस्सा दोनों अपने पास रखते थे। इसे ऐसे बनाया गया था कि सिर्फ 30 फीसदी यूजर्स जीतते, बाकी सब हार जाते हैं।




















