केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का ग्वालियर दौरा टला, टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का करेंगे भूमिपूजन; दिवाली के बाद तय होगी नई तारीख

ग्वालियर। अब दिवाली के बाद भूमिपूजन की नई तारीख तय होने की संभावना है। प्रशासन के अनुसार, एक-दो दिन में कार्यक्रम की नई प्रस्तावित तिथि सामने आ सकती है। इस परियोजना के तहत ग्वालियर में 170 एकड़ जमीन पर देश का पहला इंटीग्रेटेड टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा, जिसमें करीब 2,000 करोड़ रुपए के निवेश और हजारों युवाओं को रोजगार देने की योजना है।
दिवाली के बाद तय हो सकती है नई तारीख
कार्यक्रम स्थगित होने के बाद अब प्रशासन नई तारीख का इंतजार कर रहा है। प्रशासन के अनुसार, एक-दो दिन में भूमिपूजन की नई प्रस्तावित तिथि सामने आ सकती है। इससे पहले 12 अक्टूबर को भी इस कार्यक्रम का आयोजन प्रस्तावित था, लेकिन अमित शाह की व्यस्तता के चलते उस समय भी कार्यक्रम को टाल दिया गया था।
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वीआईपी दौरे को लेकर शुरू हो गई थीं तैयारियां
अमित शाह के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा सहित आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी थीं। एयरपोर्ट से मेला ग्राउंड तक सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की योजना बनाई जा रही थी, ताकि वीआईपी दौरे के दौरान व्यवस्थाएं सुचारु रहें। आयोजन की जिम्मेदारी साडा के साथ मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (MPSTDC) को सौंपी गई है।
170 एकड़ जमीन पर विकसित होगा टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम
ग्वालियर में 170 एकड़ जमीन पर देश का पहला इंटीग्रेटेड टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम विकसित करने की योजना है। मध्य प्रदेश सरकार और केंद्रीय दूरसंचार विभाग के बीच हुए एमओयू के बाद इस परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत 5G, 6G और आधुनिक डिजिटल तकनीक से जुड़े उपकरणों का निर्माण किया जाएगा, जिससे टेलीकॉम क्षेत्र में उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में शुरुआती तौर पर करीब 2,000 करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा की गई है। इस परियोजना से लगभग 4,500 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। भविष्य में यहां 8 से 9 हजार युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे ग्वालियर सहित आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है।



















