बड़वानी जिले के गायत्री धाम में CM मोहन यादव ने योग के साथ दिया जीवन का मंत्र, बोले- मन में जलाएं अच्छाई का दीप!

बड़वानी। दीपावली के पर्व से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेंधवा क्षेत्र के जामली स्थित गायत्री धाम में योगाभ्यास कर लोगों को स्वस्थ और सकारात्मक जीवन जीने का संदेश दिया। गायत्री परिवार के सदस्यों के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने योग, आध्यात्मिकता और अच्छे विचारों के महत्व पर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंसान को अपने जीवन का उपयोग अच्छे काम करने और दूसरों की मदद के लिए करना चाहिए। मन में सद्भावना बनी रहे और गलत विचार दूर हों, यही जीवन की सच्ची सार्थकता है। उन्होंने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं भी दीं।
योग से स्वस्थ शरीर और सकारात्मक मन का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गायत्री धाम में योगाभ्यास के दौरान स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है बल्कि इससे मन को शांत रखने और सोच को बेहतर बनाने में भी मदद मिलती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए समय निकालना चाहिए। सकारात्मक सोच और अच्छे व्यवहार से जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है।
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‘मन का दीप जलता रहे’, सत्कर्मों से जीवन बने बेहतर
दीपावली का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति के मन में अच्छाई का दीप हमेशा जलता रहना चाहिए। जब तक शरीर साथ दे, तब तक ऐसे काम करते रहना चाहिए, जिनसे दूसरों को लाभ मिले। उन्होंने कहा कि मन में सद्भावना बनी रहे और बुरे विचारों को दूर करने का प्रयास लगातार होता रहे। उनके अनुसार, जीवन की असली खुशी अच्छे काम करने और दूसरों के प्रति अच्छा व्यवहार रखने में है।
जीवन मिला है तो उसका सही उपयोग करें
डॉ. यादव ने कहा कि मनुष्य को मिला जीवन अनमोल है। इसे बेकार की बातों में गंवाने के बजाय अच्छे कामों में लगाना चाहिए। उन्होंने महाकाल, भगवान श्रीकृष्ण और मां गायत्री की कृपा का उल्लेख करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने समय का सही उपयोग करना चाहिए। जीवन में लक्ष्य तय करना और उसे पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करना जरूरी है। अच्छे विचार और सही काम व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
शरीर और ब्रह्मांड के संबंध को समझना जरूरी
मुख्यमंत्री ने भारतीय दर्शन के सूत्र ‘यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे’ का उल्लेख करते हुए शरीर और ब्रह्मांड के संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रकृति, पेड़-पौधे, पंचमहाभूत और प्राणतत्व जीवन के महत्वपूर्ण आधार हैं। मनुष्य को प्रकृति के महत्व को समझते हुए अपने जीवन में संतुलन बनाए रखना चाहिए। उन्होंने शरीर के साथ आत्मा की यात्रा के आध्यात्मिक महत्व की भी चर्चा की।
अच्छे विचारों से समाज और देश को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में सद्भावना, आध्यात्मिक जागरूकता और सत्कर्मों को जगह देनी चाहिए। जब लोग अपनी जिम्मेदारियों को समझकर अच्छे काम करते हैं, तो इसका लाभ पूरे समाज को मिलता है। उन्होंने लोगों से सकारात्मक सोच अपनाने और राष्ट्र के कल्याण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।




















