भोपाल। जुलाई के आखिरी हफ्ते में मध्य प्रदेश में मानसून ने पूरी ताकत दिखा दी है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बीते दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक और अधिक बारिश की चेतावनी जारी की है। शुक्रवार को प्रदेश के 19 जिलों में अति भारी बारिश और 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट रहा। कुछ जिलों में रेड अलर्ट भी जारी किया गया है।
गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई:
रायसेन: 2.3 इंच
सिवनी: 1.6 इंच
पचमढ़ी: 1.5 इंच
भोपाल: 1.25 इंच
ग्वालियर, सागर, दतिया, नरसिंहपुर, उज्जैन, बालाघाट, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़ सहित कई जिलों में मध्यम से तेज बारिश दर्ज की गई।
इन जिलों में साढ़े 8 इंच तक बारिश की संभावना:
जबलपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, कटनी, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली।
इन जिलों में रेड अलर्ट जारी: नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा- यहां 8 इंच से अधिक बारिश हो सकती है।
ऑरेंज अलर्ट: शिवपुरी, अशोकनगर, सागर, दमोह, कटनी, जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट, नरसिंहपुर, रायसेन, देवास, सीहोर।
यलो अलर्ट: भोपाल, विदिशा, उज्जैन, इंदौर, खंडवा, टीकमगढ़, पन्ना, सतना समेत 20 से अधिक जिले।
रेड अलर्ट: सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा।
ऑरेंज अलर्ट: भोपाल, रायसेन, विदिशा, मंदला, बालाघाट, शाजापुर, राजगढ़, दमोह, सागर समेत 20 जिले।
पचमढ़ी और पर्यटक स्थल भीगे
नर्मदापुरम के पचमढ़ी में बीते तीन दिनों से कभी तेज, कभी हल्की बारिश हो रही है। यहां का मौसम ठंडा हो गया है और धूपगढ़ की पहाड़ियों पर बादलों का नजारा पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
बैतूल में भारी बारिश के चलते सतपुड़ा डैम के सभी सात गेट खोल दिए गए हैं। लगभग 17,300 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे तवा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
1 जून से अब तक एमपी में 554 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य (370.9 मिमी) से 49% अधिक है। राज्य के 10 जिलों में अब तक 100% से अधिक बारिश हो चुकी है।
मौसम विभाग ने कहा है कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के चलते अगले 3 दिन बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। लोगों को नालों, पुलियों के पास न जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश हैं।