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MP Weather Update : अगस्त के आखिरी दिनों में भीगेगा पूरा मध्य प्रदेश, स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव; कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

MP Weather Update : अगस्त के आखिरी दिनों में भीगेगा पूरा मध्य प्रदेश, स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव; कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह एक्टिव हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगस्त महीने के अंतिम दिनों में राज्यभर में झमाझम बारिश होगी। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में सबसे ज्यादा असर दिखेगा।

    कई जिलों में खतरे की घंटी

    • 19 अगस्त को अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। यहां 4.5 इंच से ज्यादा पानी गिर सकता है।
    • 20 अगस्त को उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, धार और नर्मदापुरम सहित 18 जिलों में ऑरेंज अलर्ट है।
    • 21 और 22 अगस्त को सिवनी, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट में 8 इंच तक बारिश का अनुमान है।

    क्यों हो रही इतनी बारिश?

    राज्य में इस समय कई मौसमीय सिस्टम एक्टिव हैं-

    • एक मानसून ट्रफ मध्यप्रदेश से गुजर रही है।
    • दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन बने हुए हैं।
    • दो टर्फ और एक लो प्रेशर एरिया भी एक्टिव है।
    • इन्हीं वजहों से पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज हो रही हैं और सिस्टम लगातार स्ट्रॉन्ग होता जा रहा है।

    अब तक कितना बरसा पानी

    16 जून से लेकर अब तक मध्यप्रदेश में 31.5 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह सामान्य से लगभग 6 इंच ज्यादा है। राज्य की औसत बारिश 37 इंच मानी जाती है। यानी अब तक 85% बारिश पूरी हो चुकी है।

    सबसे ज्यादा पानी कहां गिरा?

    इस बार सबसे ज्यादा बारिश मंडला और गुना जिले में हुई है। यहां 47 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। वहीं निवाड़ी, टीकमगढ़ और अशोकनगर भी टॉप जिलों में शामिल हैं। ग्वालियर-चंबल संभाग के सात जिलों में भी कोटे से ज्यादा बारिश हो चुकी है।

    किसे होगी सबसे ज्यादा परेशानी?

    लगातार तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम और बिजली कटौती की समस्या बढ़ सकती है। किसानों के लिए भी यह बारिश चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है क्योंकि धान, सोयाबीन और मक्का जैसी फसलें जलभराव से खराब हो सकती हैं।

    मौसम विभाग की अपील

    • मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
    • निचले इलाकों के लोग सुरक्षित स्थान पर रहें।
    • बिजली गिरने के समय खुले मैदान से बचें।
    • यात्रा करने से पहले मौसम का अपडेट जरूर देखें।
    • किसान फसलों और भंडारित अनाज की सुरक्षा करें।

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    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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