MP Assembly Session :MP विधानसभा में UCC विधेयक पेश, कांग्रेस ने दिया संशोधन का प्रस्ताव; कहा- चोरी-छिपे लाया गया बिल

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है। 24 जुलाई तक चलने वाले इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक सहित कई अहम प्रस्ताव सदन में ला सकती है। वहीं विपक्ष भी किसानों, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और विकास कार्यों जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
खाद-बीज संकट को लेकर बहस
मध्य प्रदेश विधानसभा में किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा शुरू हुई। नियम 139 के तहत खरीफ फसल के लिए खाद-बीज की कमी और कम बारिश से बनी स्थिति पर सदन में बात रखी गई।
कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार किसानों के लिए योजनाओं का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसान अभी भी परेशान हैं। उन्होंने खाद, बीज और फसल भंडारण की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसान हर साल बड़ी मात्रा में अनाज पैदा करते हैं, लेकिन गोदामों की स्थिति पर ध्यान देने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और मास्टर प्लान को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष पुराने मुद्दों को दोहरा रहा है। इसके जवाब में भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि अगर किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाता तो विपक्ष को बार-बार वही मुद्दे नहीं उठाने पड़ते। किसानों के मुद्दे पर विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
दोपहर तीन बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित
विधानसभा अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के उज्जैन जमीन मामले को लेकर चर्चा के लिए लाये गए स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि यह मामला अभी का है। अभी भी जमीन खरीदी जा रही है। इस बीच सदन में हंगामा शुरू हो गया। विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
उज्जैन जमीन मामले पर कांग्रेस ने मांगी चर्चा
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में उज्जैन जमीन खरीदी मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले पर चर्चा की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि जमीन खरीदी से जुड़े आरोपों पर सरकार को सदन में स्थिति साफ करनी चाहिए। वहीं संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्थगन प्रस्ताव पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विधानसभा नियमों के अनुसार स्थगन प्रस्ताव केवल हाल में हुई घटनाओं को लेकर लाया जा सकता है, जबकि यह मामला वर्ष 2023 से जुड़ा हुआ है। इसलिए इस पर स्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस के सवाल पर सदन में बढ़ा हंगामा
कैलाश विजयवर्गीय की आपत्ति के बाद कांग्रेस सदस्यों ने सवाल उठाया कि आखिर किसी घटना को कितना पुराना माना जाएगा और ‘हाल की घटना’ की समय सीमा क्या है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि जमीन खरीदी मामले में गंभीर आरोप लगे हैं और इस पर चर्चा जरूरी है। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा बढ़ने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस सदस्यों के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। हालांकि, लगातार विरोध के चलते सदन की कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सरकार ने सदन में रखे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज
कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अध्यादेश सदन के पटल पर रखे गए। राज्य मंत्री गौतम पटेल ने मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन अध्यादेश 2026 और मध्य प्रदेश उपकर संशोधन अध्यादेश 2026 विधानसभा में प्रस्तुत किए। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विभागों से संबंधित अधिसूचनाएं उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सदन के सामने रखीं। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड की नौवीं वार्षिक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।
पंढरपुर स्थित मध्य प्रदेश सदन के विकास का मुद्दा उठा
विधानसभा में भाजपा विधायक अर्चना चिटनीस ने महाराष्ट्र के पंढरपुर स्थित मध्य प्रदेश सदन में वारकरी सुविधा स्थल के विकास और मरम्मत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बेहतर सुविधाएं मिलने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और श्रद्धालुओं को भी फायदा होगा। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि वर्ष 2003 में पंढरपुर में भवन का निर्माण कराया गया था। इसकी मरम्मत और सुविधाओं के लिए अब तक करीब एक करोड़ 24 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम जारी रहेगा।
UCC विधेयक पर विधानसभा में सियासी बहस तेज
मानसून सत्र में सरकार ने समान नागरिक संहिता यानी UCC विधेयक विधानसभा में पेश किया। इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने UCC को लेकर कहा कि मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू होकर रहेगी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी राजनीतिक दबाव के कारण इसका विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि UCC का उद्देश्य सभी नागरिकों को समान अधिकार देना है।
कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने उठाए सवाल
वहीं कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने UCC को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश को यूनिफॉर्म सिविल कोड से पहले यूनिफॉर्म एजुकेशन और यूनिफॉर्म हेल्थ कोड की जरूरत है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं भाजपा का दावा है कि UCC सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम है।
पहले दिन ही गरमाया विधानसभा का माहौल
मानसून सत्र की शुरुआत शांत माहौल में हुई लेकिन कुछ ही देर बाद विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस विधायकों ने कई मुद्दों पर चर्चा की मांग की और सरकार को घेरने की कोशिश की। बढ़ते हंगामे और लगातार नारेबाजी के बीच विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।
किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस का जोरदार विरोध
सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के मुखौटे पहनकर विधानसभा परिसर पहुंचे और किसानों के समर्थन में प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में किसान खाद के लिए परेशान हैं और समय पर उर्वरक नहीं मिल रहा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि किसानों को खाद के बजाय टोकन और ओटीपी दिए जा रहे हैं, जिससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को पूरे सत्र में मजबूती से उठाएगी।
सदन में उठा उज्जैन जमीन खरीद का मामला
प्रश्नकाल के बाद नेता प्रतिपक्ष ने उज्जैन में जमीन खरीद से जुड़े मामले पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव रखा। सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह मामला पुराना है और स्थगन प्रस्ताव के नियमों में नहीं आता। इस पर कांग्रेस सदस्यों ने आपत्ति जताई और हाल की घटना की परिभाषा पूछते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद सदन का माहौल गर्म हो गया।
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UCC और किसानों पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने
कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने UCC पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले सभी नागरिकों को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए। वहीं भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों को सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है और यूसीसी सभी नागरिकों को समान अधिकार देने की दिशा में बड़ा कदम होगा।
दिवंगत हस्तियों को दी श्रद्धांजलि
सत्र की शुरुआत में सदन ने विभिन्न क्षेत्रों की दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूर्व जनप्रतिनिधियों और अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों के निधन पर शोक व्यक्त किया। इसके बाद दो मिनट का मौन रखा गया और सम्मान स्वरूप सदन की कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित की गई।
इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस
मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से 24 जुलाई तक प्रस्तावित है। इस दौरान अनुपूरक बजट सहित विभिन्न विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने सहित अन्य महत्वपूर्ण विधायी कार्य किए जाएंगे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने आवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक की और कहा कि कांग्रेस इसमें जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाएगी। उन्होंने कहा था कि पेपर लीक के मद्देनजर रोजगार एवं भर्ती परीक्षाओं में व्यापक सुधार, केन-बेतवा परियोजना से जुड़े मुद्दों तथा प्रदेश में सामने आए घोटालों और भ्रष्टाचार के अन्य मामलों को जोरदार तरीके से उठाने की रणनीति बनाई गई।











