इटारसी जंक्शन पर यात्रियों की सेहत से खिलवाड़!छापे में एक्सपायरी ब्रेड, सड़ी सब्जी और PDS का नमक जब्त
इटारसी। देश के सबसे महत्वपूर्ण और मध्य प्रदेश के सबसे व्यस्ततम 8वें शीर्ष रेल जंक्शन इटारसी जिसे अमृत भारत योजना में लेकर बिल्कुल हाईटेक बनाने की कोशिश की जा रही है। करोड़ो के खर्च से इसे संवारा जा रहा है। लेकिन इस अमृत में विष मिलाने का गोरख धंधा चरम पर है। यहां से एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है।हर दिन लाखों यात्रियों की मेजबानी करने वाले इस जंक्शन पर चंद पैसों के लालच में मुसाफिरों को 'जहर' परोसा जा रहा था। रविवार को कलेक्टर के सख्त निर्देश पर जिला प्रशासन ने एक बड़ी और संयुक्त कार्रवाई करते हुए यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले खानपान वेंडरों के सिंडिकेट को बेनकाब कर दिया। ये सब इसलिए संभव हुआ है क्योंकि हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओ के बाद हरकत में आए प्रशासन ने अवैध वेंडरों पर नकेल कसने के लिए अभियान छेड़ा हुआ है। इसी कड़ी में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा को ताक पर रखने वाले इन वेंडरों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई है लेकिन यहां ये सवाल भी उठना वाजिब हो जाता है कि क्या अगर इटारसी में सीरियल चाकूबाजी नहीं होती तो क्या ये कार्रवाई होपाती इसका जवाब है शायद नहीं,और यात्रियों को पूर्व की तरह सड़ा खाना खिलाया जाता रहता।
अफसरों की फौज देख वेंडरों में हड़कंप
नर्मदापुरम के अपर कलेक्टर राजेश शुक्ला, इटारसी एसडीएम नीलेश शर्मा,और एसडीओपी वीरेंद्र मिश्रा के संयुक्त नेतृत्व में गठित एक हाई-प्रोफाइल टीम ने स्टेशन क्षेत्र में दबिश दी। इस टीम में तहसीलदार सुनीता साहनी,थाना प्रभारी सौरभ पांडे,खाद्य विभाग के अधिकारी जितेंद्र सिंह राणा,खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश दीयावार,आरआई रितेश कुमार और पटवारी लोकेश ठाकरे शामिल थे।
प्रशासनिक अमले को अचानक सामने देख कई वेंडरों के हाथ-पांव फूल गए और वे अपने ठिकानों पर ताले लटककर मौके से रफूचक्कर हो गए। हालांकि,प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ताला लगाकर भागने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके ठिकानों की पहचान कर ली गई है।
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नरक जैसी गंदगी में बन रहा था खाना
जांच के दौरान जो तस्वीरें सामने आईं,वो बेहद घिनौनी थीं।वेंडर बेहद अस्वच्छ और नरक जैसे गंदे माहौल में यात्रियों के लिए भोजन तैयार कर रहे थे।
कहां चल रहा था ये धंधा?
- मोहर सिंह की बिल्डिंग: यहाँ किराए पर चल रहे एक वेंडर के ठिकाने से भारी मात्रा में एक्सपायरी डेट वाली ब्रेड मिली, जिसका सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजा गया है।
- सुमंत तिवारी की बिल्डिंग:यहाँ स्टेशन पर सप्लाई होने वाली आलू की सब्जी की बदबूदार तरी (ग्रेवी),बड़ी मात्रा में सड़े-पके हुए आलू और अन्य संदिग्ध दूषित सामग्रियां बरामद हुईं।
गरीबों के हक का PDS नमक और गैस सिलेंडर जब्त
इस छापेमारी में सबसे गंभीर और चौंकाने वाला मामला राशन घोटाले से जुड़ा सामने आया।टीम ने मौके से 1 क्विंटल 85 किलो (185 किलोग्राम) सरकारी PDS नमक जब्त किया।यह नमक गरीबों के लिए शासकीय उचित मूल्य की दुकानों पर वितरण के लिए आता है। प्रशासन अब इस बात की कड़ाई से जांच कर रहा है कि सरकारी कोटे का यह नमक इन निजी वेंडरों तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे कौन सा बड़ा रैकेट काम कर रहा है।इसके साथ ही मौके से 3 अवैध गैस सिलेंडर भी बरामद किए गए हैं,जिनकी वैधता की जांच की जा रही है।
इन मुख्य टेंडरधारियों और वेंडरों पर गिरी गाज
शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये सभी वेंडर मुख्य टेंडरधारी कंपनियों से पेटी-कॉन्ट्रैक्ट (Sub-letting) पर काम ले कर स्टेशन पर अवैध रूप से यह काला कारोबार चला रहे थे।मुख्य रूप से निम्नलिखित फर्मों पर कार्रवाई की गई है, जिसमें राहुल इंटरप्राइजेज,के लिए शेख इरफान खान, अतुल अवस्थी,अजय महाला,होटल धर्मराज,राजकुमार बघेल।
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एफआईआर और कानूनी कार्रवाई
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि रेलवे स्टेशन सहित सभी सार्वजनिक स्थानों पर खाद्य सामग्री बेचने वालों की नियमित और आकस्मिक जांच की जाए।किसी को भी आम जनता की जान से खेलने का हक नहीं है।प्रशासनिक चेतावनी:जांच पूरी होते ही दोषी फर्मों, किराएदार वेंडरों और आरोपियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 (FSSAI),आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955,और PDS कंट्रोल ऑर्डर 2015 के तहत कड़ी कानूनी और आपराधिक (FIR) कार्रवाई की जा रही है।
Edited By: Aditi Rawat

















