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बुधनी के किशनपुर में टाइगर का मूवमेंट?खेतों और फार्म हाउस के पास दिखने का दावा, वन विभाग ने कराई मुनादी- शाम के बाद अकेले न निकलें

सीहोर के बुधनी वन परिक्षेत्र के किशनपुर गांव में बाघ की संभावित मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है। खेतों और फार्म हाउस के पास बाघ दिखने की सूचना के बाद वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। गांव में मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
खेतों और फार्म हाउस के पास दिखने का दावा, वन विभाग ने कराई मुनादी- शाम के बाद अकेले न निकलें
किशनपुर में बाघ की आहट पर अलर्ट हुआ वन विभाग।

सीहोर। जिले के बुधनी वन परिक्षेत्र के ग्राम किशनपुर में बाघ की संभावित मौजूदगी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। गांव के पास खेतों और एक निजी फार्म हाउस के आसपास बाघ दिखाई देने की सूचना के बाद वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। विभाग ने इलाके में गश्त तेज कर दी है, जबकि ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए गांव में मुनादी भी कराई गई है।

लगातार हो रही बारिश के कारण बाघ के पगमार्क नहीं मिल पाए हैं, जिससे उसकी सटीक लोकेशन की पुष्टि नहीं हो सकी है। इसके बावजूद वन विभाग पूरे इलाके पर लगातार नजर बनाए हुए है।

14 और 16 जुलाई को बाघ दिखने का दावा

वन विभाग के अनुसार, ग्रामीणों ने 14 और 16 जुलाई को गांव के समीप स्थित एक निजी फार्म हाउस और खेतों के आसपास बाघ देखे जाने की जानकारी दी थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के जंगल एवं आबादी से लगे क्षेत्रों में निगरानी शुरू कर दी। बाघ की मौजूदगी की पुष्टि के लिए लगातार गश्त की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से पहले स्थिति पर नियंत्रण रखा जा सके।

ग्रामीणों के लिए जारी की गई एडवाइजरी

ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वन विभाग ने गांव में मुनादी कर कई जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है।

वन विभाग की सलाह

  • शाम ढलने के बाद अकेले घर से बाहर न निकलें।
  • खेतों और जंगल की ओर समूह में जाएं।
  • बच्चों को अकेला न छोड़ें।
  • किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
  • अफवाहों पर भरोसा न करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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बारिश के कारण नहीं मिल पाए पगमार्क

वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती लगातार हो रही बारिश बनी हुई है। बारिश की वजह से जमीन पर बने संभावित पगमार्क मिट गए हैं, जिससे बाघ की सटीक लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो रहा है। हालांकि विभाग का कहना है कि, निगरानी में कोई कमी नहीं की गई है और टीम लगातार जंगल, खेतों और आबादी से लगे इलाकों में गश्त कर रही है।

सोशल मीडिया रील से मिली पहली सूचना

वन विभाग के मुताबिक, बाघ के मूवमेंट की पहली जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक रील के जरिए मिली थी। इसके बाद विभागीय अमला तत्काल सक्रिय हुआ और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की गई। हालांकि अब तक बाघ की मौजूदगी के ठोस भौतिक साक्ष्य नहीं मिले हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

पहले भी सामने आ चुकी हैं वन्यजीवों की गतिविधियां

बुधनी वन क्षेत्र पहले भी वन्यजीवों की आवाजाही को लेकर चर्चा में रहा है।

  • सलकनपुर मंदिर के आसपास तेंदुए की मूवमेंट सामने आ चुकी है।
  • देलावाड़ी क्षेत्र में भी तेंदुआ देखा गया था।
  • मिडघाट रेलवे पुल के नीचे आराम करते एक बाघ का वीडियो भी पहले सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।

इन्हीं घटनाओं को देखते हुए वन विभाग इस बार किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरत रहा है।

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वन परिक्षेत्राधिकारी ने क्या कहा?

बुधनी वन परिक्षेत्राधिकारी रचित द्विवेदी ने बताया कि, बाघ के मूवमेंट की सूचना सोशल मीडिया पर वायरल हुई रील के माध्यम से मिली थी। सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के कारण पगमार्क नहीं मिल पाए हैं, लेकिन क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है। साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को देने की अपील की गई है।

फिलहाल क्या है स्थिति?

फिलहाल बाघ की मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीणों के दावों और सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी को देखते हुए वन विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है। विभाग का कहना है कि जब तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी।

(Edited By- Manisha Dhanwani)

Sunil Sharma
By Sunil Sharma

सुनील शर्मा, सीहोर जिला ब्यूरो, पीपुल्स समाचार ढाई दशक से पत्रकारिता में सक्रिय। दैनिक भास्कर, पत...

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