मिग-23 पर चढ़कर वायरल हुआ था छात्र! नाबालिग गिरफ्तार, 12 आरोपियों पर शिकंजा

पंजाब। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रा से दुष्कर्म की सूचना के बाद शुरू हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एलपीयू के एक नाबालिग छात्र को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान सामने आया कि हिंसा के समय उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी शेयर हुई थी। तस्वीर में छात्र परिसर में रखे मिग-23 लड़ाकू विमान पर खड़ा दिखाई दे रहा है और पीछे आग नजर आ रही है। पुलिस उसकी भूमिका और आरोपों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
मंडी से पकड़ा गया LPU का छात्र
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया छात्र मंडी जिले का रहने वाला है और एलपीयू में पढ़ता है। उसके पिता मंडी के उपायुक्त कार्यालय में अधिकारी के तौर पर तैनात बताए जा रहे हैं। पुलिस ने छात्र को हिंसा और तोड़फोड़ से जुड़े मामले की जांच के तहत पकड़ा है। नाबालिग होने के कारण उसके मामले में कानूनी प्रक्रिया भी उसी के अनुसार आगे बढ़ेगी।
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मिग-23 पर खड़े होने की तस्वीर हुई वायरल
हिंसा के दौरान छात्र की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। इसमें वह विश्वविद्यालय परिसर में रखे मिग-23 लड़ाकू विमान के ऊपर खड़ा दिखाई देता है। तस्वीर के पीछे आग की लपटें भी नजर आ रही हैं। सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को अलग-अलग दावों के साथ शेयर किया गया। हालांकि, सिर्फ तस्वीर के आधार पर छात्र की पूरी भूमिका तय नहीं की जा सकती। पुलिस डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है।
अब तक 12 लोगों की गिरफ्तारी
LPU हिंसा मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। विश्वविद्यालय के चांसलर अशोक मित्तल के मुताबिक गिरफ्तार लोगों में ज्यादातर एलपीयू के छात्र हैं, जबकि कुछ बाहरी लोग भी शामिल हैं। पुलिस की ओर से गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका की अलग-अलग जांच की जा रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
सेना से जुड़े उपकरणों पर प्रदर्शन को लेकर आपत्ति
हिंसा के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में रखे मिग-23 विमान और 1971 के युद्ध में इस्तेमाल किए गए टैंक पर कुछ प्रदर्शनकारियों के चढ़ने की तस्वीरें सामने आई थीं। चांसलर अशोक मित्तल ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इन सैन्य उपकरणों को सेना के सम्मान और युवाओं में प्रेरणा के लिए परिसर में रखा गया है। उन्होंने इस तरह की गतिविधि को आपत्तिजनक बताया।
CCTV और डिजिटल सबूतों से जांच जारी
पुलिस अब हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों की मदद ले रही है। जांच में करीब 40 लोगों की पहचान किए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।




















