बाबा महाकाल कल दो बार करेंगे नगर भ्रमण :शाम को शिप्रा यात्रा, रात में हरिहर मिलन; पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

उज्जैन। भगवान महाकालेश्वर सोमवार को कार्तिक मास की दूसरी सवारी और हरिहर मिलन सवारी के रूप में दो बार नगर भ्रमण करेंगे। पहली सवारी शाम 4 बजे पारंपरिक मार्ग से निकलेगी, जबकि दूसरी सवारी रात 11 बजे गोपाल मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी। हरिहर मिलन के इस पावन अवसर पर पुलिस प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है।
शाम 4 बजे निकलेगी कार्तिक मास की दूसरी सवारी
महाकाल की यह पारंपरिक सवारी मंदिर से निकलकर शिप्रा नदी तक जाएगी। शाही अंदाज में निकलने वाली इस यात्रा में डमरू, नगाड़े, भजन मंडलियां और श्रद्धालु शामिल होंगे। शिप्रा तट पर भगवान महाकाल का पूजन-अर्चन किया जाएगा, जिसके बाद सवारी मंदिर वापस लौटेगी। शहरभर में धार्मिक उत्साह का माहौल रहेगा और श्रद्धालु दर्शन के लिए सड़कों के दोनों ओर उमड़ेंगे।
रात 11 बजे होगी ‘हरिहर मिलन’ की सवारी
इसी दिन रात 11 बजे बाबा महाकाल पालकी में सवार होकर गोपाल मंदिर जाएंगे, जहां भगवान हरि (गोपालजी) से भेंट करेंगे। यह अनूठी परंपरा हरिहर मिलन के नाम से प्रसिद्ध है, जो भगवान शिव और विष्णु के अद्भुत संगम का प्रतीक मानी जाती है। हरिहर मिलन के दौरान आलौकिक दृश्य देखने के लिए हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहते हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध
- एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि रात की सवारी में पुलिसकर्मी पूरी सतर्कता बरतेंगे।
- मार्ग पर बैरिकेड्स लगाकर गलियां बंद की जाएंगी ताकि किसी भी प्रकार की भीड़ या अफरातफरी न हो।
- सवारी के दौरान हिंगोट, रॉकेट, खतरनाक पटाखे और आतिशबाजी करने पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।
- एसपी ने स्पष्ट किया कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
हरिहर मिलन में सुरक्षा बलों की विशेष तैनाती
प्रशासन ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस बल सवारी निकलने से दो घंटे पहले मार्ग पर तैनात किया जाएगा। पूरी सवारी की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। फायर ब्रिगेड दल, मोटरसाइकिल फायर यूनिट्स और फायर एक्सटिंग्विशर कर्मियों को पालकी के आगे-पीछे तैनात किया जाएगा। सवारी मार्ग में आने वाली लगभग 20 गलियों में भी फायर एक्सटिंग्विशर दल तैनात रहेगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।
पूर्व में हुई घटनाओं के बाद प्रशासन सतर्क
पुलिस प्रशासन ने बताया कि पिछले वर्षों में हरिहर मिलन सवारी के दौरान आतिशबाजी से आगजनी और श्रद्धालुओं के घायल होने की घटनाएं हुई थीं। इस बार प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सजग है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।












