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झाबुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार 12 सितंबर को झाबुआ जिले के पेटलावद से राज्य की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 28वीं किस्त का पैसा सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण किया। इस किस्त में कुल 1541 करोड़ रुपए महिलाओं के खाते में सीधे ट्रांसफर किए गए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने न केवल महिलाओं को आर्थिक मदद दी, बल्कि राज्य के विभिन्न विकास कार्यों का भी लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिलाओं को दी जाने वाली वित्तीय सहायता की योजना के विस्तार की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि दिवाली के बाद भाई दूज से हर महीने महिलाओं को 1500 रुपए मिलेंगे। साथ ही, 2026 से यह राशि बढ़ाकर 2000 रुपए प्रति माह कर दी जाएगी। इसके बाद 2027 से यह राशि 2500 रुपए और 2028 से 3000 रुपए प्रति माह तक पहुंच जाएगी। पिछली किस्त में महिलाओं के खाते में 1500 रुपए भेजे गए थे, जिसमें 250 रुपए रक्षाबंधन के शगुन के रूप में भी थे। लेकिन इस बार 1250 रुपए की राशि दी गई।
लाड़ली बहना योजना के साथ-साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत प्रदेश के 53.48 लाख से अधिक पेंशन लाभार्थियों के खातों में 320.89 करोड़ रुपए का भी सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण किया। इसके अलावा, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना एवं गैर प्रधानमंत्री उज्ज्वला श्रेणी में पंजीकृत करीब 31 लाख बहनों के लिए 450 रुपए गैस रिफिलिंग हेतु 48 करोड़ से अधिक की राशि का भी अंतरण किया गया। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सीधा लाभ मिला है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झाबुआ जिले में कुल 345.34 करोड़ रुपए लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन भी किया। इसमें 72 से अधिक परियोजनाएं शामिल रहीं, जिनमें 35 परियोजनाओं का भूमिपूजन और 37 परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ। इन परियोजनाओं में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़कों के निर्माण एवं सुधार, स्वच्छता और ग्रामीण विकास कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं का अवलोकन करते हुए उनके महत्व पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर बीपीएल परिवार के दिव्यांग हितग्राहियों को कस्टमाइज्ड पेट्रोल चलित चार पहिया व्हीकल भी प्रदान किए। इससे दिव्यांगों के जीवन में सुविधा, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने यह कदम प्रदेश के गरीब एवं कमजोर वर्ग की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने की दिशा में उठाया गया अहम कदम बताया।