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आधी रात जन्मे कान्हा, गूंजा ‘नंद के घर आनंद भयो’! देशभर में जश्न, नाथद्वारा में 21 तोपों की सलामी

देशभर में शुक्रवार को जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। मथुरा-वृंदावन, द्वारका, पुरी से लेकर दिल्ली, जयपुर और पटना तक मंदिरों में विशेष पूजा हुई। आधी रात भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। कहीं भव्य अभिषेक हुआ तो कहीं ड्रोन शो और झांकियों ने भक्तों का मन मोह लिया। लाखों श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे।
आधी रात जन्मे कान्हा, गूंजा ‘नंद के घर आनंद भयो’! देशभर में जश्न, नाथद्वारा में 21 तोपों की सलामी
देशभर में जन्माष्टमी पर उमड़ा भक्तिसागर

नई दिल्ली। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार रात देशभर के मंदिर भक्ति के रंग में डूबे नजर आए। भगवान कृष्ण के जन्म की खुशी में मंदिरों को फूलों और रोशनी से सजाया गया। मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खास अभिषेक के साथ कृष्ण लीलाओं का ड्रोन शो हुआ। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में साल में केवल एक बार होने वाली मंगला आरती में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। द्वारका, पुरी, दिल्ली, पटना, जयपुर और भोपाल समेत कई शहरों में आधी रात विशेष पूजा और जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए गए।

मथुरा में कान्हा का भव्य अभिषेक

श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में जन्माष्टमी का उत्सव बेहद खास रहा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में भगवान का सोने से सजी चांदी की कामधेनु से अभिषेक किया गया। शाम तक यहां 15 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के दर्शन करने की जानकारी सामने आई। रात में 500 ड्रोन की मदद से आसमान में कृष्ण की लीलाओं को आकर्षक तरीके से दिखाया गया। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ रही। जन्माष्टमी के अवसर पर यहां होने वाली मंगला आरती साल में सिर्फ एक बार आयोजित की जाती है।

द्वारका से पुरी तक दिखा उत्सव का रंग

गुजरात के द्वारका स्थित द्वारकाधीश मंदिर में भी विशेष पूजा और आरती हुई। ओडिशा के पुरी और भुवनेश्वर में श्रद्धालुओं ने कृष्ण जन्मोत्सव में हिस्सा लिया। भुवनेश्वर के इस्कॉन मंदिर में बाल रूप में भगवान कृष्ण की मूर्ति का अभिषेक किया गया। दिल्ली के इस्कॉन मंदिर में भी सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा। पश्चिम बंगाल के कोलकाता और महाराष्ट्र के नासिक में भी इस्कॉन मंदिरों में भक्तों ने भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया।

नाथद्वारा में 21 तोपों की सलामी

राजस्थान के राजसमंद स्थित नाथद्वारा में जन्माष्टमी का उत्सव अलग अंदाज में मनाया गया। यहां भगवान श्रीनाथजी को 21 तोपों की सलामी दी गई। वहीं चित्तौड़गढ़ के सांवलियाजी मंदिर में तीन साल बाद ड्रोन शो का आयोजन हुआ, रात करीब आठ बजे 1100 ड्रोन आसमान में एक साथ नजर आए। रोशनी से भगवान कृष्ण का जन्म, शेषनाग की छत्रछाया, गोवर्धन पर्वत और बांसुरी बजाते कान्हा की आकृतियां बनाई गईं।

मध्य प्रदेश में कृष्ण भक्ति में डूबे भक्त

मध्य प्रदेश में भी जन्माष्टमी का पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। राजधानी भोपाल के कृष्ण प्रणामी मंदिर के साथ इस्कॉन मंदिर, बिरला मंदिर और बांके बिहारी मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम हुए। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ मंदिरों में घंटियां गूंज उठीं और भक्तों ने जयकारे लगाए। मंदिरों को फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कान्हा के दर्शन के लिए पहुंचे। कई जगह बच्चों ने राधा-कृष्ण का रूप धारण कर जन्माष्टमी की खुशियों में हिस्सा लिया और मंदिर परिसर भजनों से गूंजते रहे।

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पटना में 108 कलश से हुआ अभिषेक

बिहार की राजधानी पटना के इस्कॉन मंदिर में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारी की गई। यहां भगवान कृष्ण का 108 चांदी के कलश से अभिषेक किया गया। मंदिर को सजाने के लिए करीब आठ टन फूल मंगाए गए थे। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी खास झांकी सजाई गई। इसमें काशी विश्वनाथ मंदिर, वृंदावन, बांके बिहारी मंदिर, रामनगर किला और अयोध्या समेत कई धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की झलक दिखाई गई।

गोरखनाथ मंदिर में योगी ने की पूजा

गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधी रात कृष्ण जन्मोत्सव में पूजा की। उन्होंने राधा और कृष्ण के रूप में सजे बच्चों से मुलाकात भी की। मध्य प्रदेश के भोपाल में कृष्ण प्रणामी मंदिर समेत कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भजन, पूजा और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ जन्माष्टमी मनाई।

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बदरीनाथ धाम में भी भक्ति का माहौल

उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में भी कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर विशेष आयोजन हुए। मंदिर परिसर भजनों और धार्मिक कार्यक्रमों से गूंजता रहा। देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने उत्सव में हिस्सा लिया। जन्माष्टमी के कारण मंदिर के पूजा कार्यक्रमों के समय में भी बदलाव किया गया और मध्यरात्रि करीब दो बजे मंदिर के कपाट बंद किए जाने की व्यवस्था रही।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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