NOC ने रोका RBI अफसर बनने का रास्ता: हाईकोर्ट पहुंचते ही फरियादी को इंटरव्यू की राह मिली

इंदौर। कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में नौकरी करते हुए RBI अधिकारी बनने की दौड़ में पहुंचे रोहित को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कंपनी की ओर से NOC जारी नहीं किए जाने के कारण उनका RBI अधिकारी ग्रेड 'B' का साक्षात्कार अटक गया था। मामले में हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए रोहित को NOC के बिना भी साक्षात्कार में शामिल होने की अनुमति दे दी है। मामले में कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा 20 जुलाई 2026 को जारी उस परिपत्र को भी चुनौती दी गई है, जिसके तहत 1 अगस्त 2026 से एक साल तक कर्मचारियों को बाहरी नौकरी के लिए NOC जारी करने पर रोक लगाई गई थी। हाईकोर्ट ने मामले में संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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परीक्षा पास की, इंटरव्यू की बारी आई तो NOC ने रोका रास्ता
याचिका के अनुसार रोहित कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड में कर्मचारी हैं। उन्होंने RBI की ओर से 29 अप्रैल 2026 को जारी विज्ञापन के तहत अधिकारी ग्रेड 'B' पद के लिए आवेदन किया था।उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के फेज-1 और फेज-2 की परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली और अंतिम साक्षात्कार के लिए चयनित हुए। लेकिन इंटरव्यू के निर्देशों में सरकारी संस्थानों में कार्यरत उम्मीदवारों के लिए विभागीय NOC जमा करना अनिवार्य बताया गया था। इसकी अंतिम तारीख 2 सितंबर 2026 निर्धारित थी। यहीं से मामला उलझ गया।
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जब आवेदन किया, तब NOC पर कोई रोक नहीं थी
रोहित की ओर से कोर्ट में बताया गया कि उन्होंने 19 मई 2026 को RBI भर्ती के लिए आवेदन किया था। उस समय कॉटन कॉरपोरेशन में बाहरी नौकरी के लिए NOC जारी करने पर कोई रोक लागू नहीं थी। इससे पहले कंपनी ने 2025 में NOC देने पर रोक लगाई थी, लेकिन 30 अप्रैल 2026 के परिपत्र के जरिए यह रोक हटा ली गई थी और 1 मई से NOC जारी करना फिर शुरू कर दिया गया था। इसके बाद कंपनी ने 20 जुलाई को नया परिपत्र जारी कर 1 अगस्त 2026 से एक साल के लिए फिर NOC पर रोक लगा दी। रोहित ने 23 अगस्त को RBI साक्षात्कार में शामिल होने के लिए NOC मांगा, लेकिन कंपनी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। दूसरी ओर RBI में NOC अपलोड करने की अंतिम तारीख नजदीक आ रही थी। ऐसे में रोहित ने तत्काल राहत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया।
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वकीलों ने कहा- बीच भर्ती प्रक्रिया में बदला नियम
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंशुमान आदित्य सराफ और अर्चना गुप्ता ने कोर्ट के सामने दलील दी कि विवादित परिपत्र मनमाना और भेदभावपूर्ण है। उन्होंने तर्क दिया कि परिपत्र में PESB द्वारा विज्ञापित पदों के लिए NOC जारी करने पर रोक नहीं लगाई गई, जबकि अन्य बाहरी नौकरियों के लिए कर्मचारियों पर रोक लगा दी गई। इससे कर्मचारियों के बीच कृत्रिम अंतर पैदा होता है। अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि रोहित ने आवेदन उस समय किया था, जब NOC पर कोई रोक नहीं थी। ऐसे में बाद में जारी परिपत्र को प्रभावी कर उन्हें भर्ती प्रक्रिया के अंतिम चरण यानी साक्षात्कार से रोकना उनके कैरियर की प्रगति के अधिकार को प्रभावित करता है। दलील में इसे संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 में निहित समानता के अधिकार तथा अनुच्छेद 21 के अधिकारों के विपरीत बताया गया।
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हाईकोर्ट ने कहा- इंटरव्यू से नहीं रोका जा सकता
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत प्रदान की। कोर्ट ने रोहित को NOC को छोड़कर अपने अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने और RBI अधिकारी ग्रेड 'B' के साक्षात्कार में शामिल होने की अनुमति दे दी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं के अनुरोध पर कोर्ट ने RBI को भी शीघ्र नोटिस जारी करने का निर्देश दिया, ताकि भर्ती प्रक्रिया में रोहित के हित सुरक्षित रह सकें। अदालत ने संबंधित प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए मामले को चार सप्ताह बाद जवाब के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।




















