
नई दिल्ली। कोलकाता के आरजी मेडिकल कॉलेज में 9 अगस्त को ग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर के रेप और मर्डर के विरोध में डॉक्टरों की देशव्यापी हड़ताल जारी है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को डॉक्टर से रेप-मर्डर के मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। 20 अगस्त को चीफ जस्टिस (CJI) डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पादरीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी।
सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड की गई 20 अगस्त की वाद सूची के अनुसार, चीफ जस्टिस डीवाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई करेगी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में मामले की जांच कोलकाता पुलिस से सीबीआई को टांसफर कर दिया था। सरकारी अस्पताल के ‘सेमिनार हॉल’ में ‘जूनियर डॉक्टर’ से कथित बलात्कार और हत्या की वारदात के बाद देशभर में व्यापक स्तर पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं।
24 अगस्त तक कॉलेज के आसपास सभा पर प्रतिबंध
कोलकाता पुलिस ने सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पास रविवार 18 अगस्त से 24 अगस्त तक निषेधाज्ञा लागू की है, जिसके तहत 5 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने और सभा करने पर प्रतिबंध होगा। ट्रेनी डॉक्टर से रेप और हत्या का मामला सामने आने के बाद आरजी कर अस्पताल विरोध-प्रदर्शन का केंद्र बन गया है। कोलकाता पुलिस ने अस्पताल के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-163(2) लागू कर दी है।
सीबीआई कर रही मामले की जांच
कोलकाता रेप-मर्डर केस की जांच सीबीआई कर रही है। CBI को अब तक की जांच और डॉक्टर के बैचमेट्स के बयानों से पता चला है कि, अस्पताल से मानव अंगों की तस्करी का रैकेट चलाया जा रहा है। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है और मामले जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि, मानव अंगों के अवैध कारोबार से पर्दा उठाने की कोशिशें रोकने के लिए ट्रेनी डॉक्टर को रास्ते से हटाया गया।
कोलकाता पुलिस ने गैरकानूनी तौर पर जमा होने वाली भीड़ को रोकने के लिए 18 अगस्त से सात दिनों के लिए आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के आसपास बीएनएसएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023) की धारा 163 (जो पहले सीआरपीसी की धारा 144 थी) लागू कर दी है।
IMA की 5 मांगें
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने 17 अगस्त की सुबह 6 बजे से लेकर 18 अगस्त सुबह 6 बजे तक 24 घंटे के लिए देश में डॉक्टरों की हड़ताल का ऐलान किया था।
- डॉक्टरों पर हिंसा रोकने के लिए केंद्रीय कानून बने, जिसमें 2019 के प्रस्तावित हॉस्पिटल प्रोटेक्शन बिल में एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 में 2023 में किए गए संशोधन शामिल हो।
- अस्पतालों में एयरपोर्ट की तरह सुरक्षा प्रोटोकॉल हो। सुरक्षा सुविधाओं के साथ अस्पतालों को सेफ जोन घोषित किया जाए। CCTV-सिक्योरिटी गार्ड्स के प्रोटोकॉल का पालन हो।
- कोलकाता रेप-मर्डर की पीड़ित 36 घंटे की ड्यूटी पर थीं। आराम के लिए कोई जगह नहीं थी। अस्पतालों में डॉक्टरों के लिए रेस्टिंग एरिया बनाया जाए।
- कोलकाता रेप-मर्डर केस की एक तय समय सीमा में प्रोफेशनल जांच हो। आरोपियों को कड़ी सजा मिले।
- पीड़ित के परिवार को सम्मानजनक मुआवजा मिले।
कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ क्या हुआ था ?
8-9 अगस्त के दरमियान कोलकाता के आरजी मेडिकल कॉलेज में महिला ट्रेनी डॉक्टर का रेप के बाद मर्डर कर दिया गया था।पीड़िता नाइट शिफ्ट करके एक जूनियर डॉक्टर के साथ खाना खाने के बाद ट्रेनी डॉक्टर सेमिनार हॉल में थोड़ी देर रेस्ट करने गई थी, लेकिन सुबह तक नहीं लौटी। वह मेडिकल कॉलेज में सेकंड ईयर की छात्रा थी। 9 अगस्त सुबह ट्रेनी डॉक्टर का शव सेमिनार हॉल में अर्धनग्न और चोटिल अवस्था में मिला था।
पुलिस ने बताया था कि ट्रेनी डॉक्टर का रेप कर उसकी हत्या की गई है। घटनास्थल पर शव खून से लथपथ पड़ा मिला था। प्राइवेट पार्ट, आंखों और मुंह से खून बह रहा था। उसकी गर्दन की हड्डी भी टूटी हुई पाई गई थी।