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मुरैना जहरीली शराब कांड में सजा :5 साल बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला, 14 आरोपियों को 10-10 साल कैद

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के बहुचर्चित छैरा जहरीली शराब कांड में जौरा कोर्ट ने 5 साल बाद बड़ा फैसला सुनाया है। 10 जनवरी 2021 को जहरीली शराब पीने से 24 लोगों की मौत हुई थी। मामले में शामिल 14 आरोपियों को कोर्ट ने 10-10 साल की सजा सुनाई है। 11 आरोपियों पर 1 लाख 32 हजार और 3 आरोपियों पर 1 लाख 7 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है।
5 साल बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला, 14 आरोपियों को 10-10 साल कैद
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मुरैना। जिले के बहुचर्चित छैरा जहरीली शराब कांड मामले में आखिरकार 5 साल बाद न्याय मिला। सोमवार को जौरा के अपर सत्र न्यायाधीश इंद्रजीत रघुवंशी की कोर्ट ने सभी 14 आरोपियों को दोषी पाते हुए 10-10 साल की सजा सुना दी है। इस फैसले में 11 आरोपियों पर 1 लाख 32 हजार रुपए और 3 आरोपियों पर 1 लाख 7 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

    यह कांड 10 जनवरी 2021 को सामने आया था, जिसमें जहरीली देशी शराब पीने से 24 ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हुई थी। मौत से पहले कई लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी।

    कैसे हुआ था कांड ?

    दरअसल, छैरा-मानपुर गांव के लोग बेहद सस्ती लोकल शराब खरीदकर पी गए थे। इस जहरीली शराब का असर इतना खतरनाक था कि तीन दिन में 24 लोगों की जान चली गई। अधिकांश पीड़ितों ने पहले उल्टियां, फिर आंखों से दिखना बंद होने जैसी गंभीर समस्याएं बताईं। डॉक्टरों ने मौत की वजह देशी शराब में मिले मिथाइल अल्कोहल को बताया था।

    किन-किन आरोपियों को क्या सजा मिली

    दस-दस साल की सजा और 1,32,000 रुपए जुर्माना : मुकेश, राहुल, गिर्राज उर्फ गजराज, प्रदीप राठौर, ब्रजमोहन उर्फ कल्ला, सुरेंद्र, अंतराम, दिनेश करतार, मनजीत, सतीश

    दस साल सजा और 1,07,000 रुपए जुर्माना : मनमोहन, खुशी लाल, रामवीर। कोर्ट ने सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपियों को दोषी पाया।

    घटना के बाद पुलिस और प्रशासन में हलचल

    24 मौतों के बाद जिला प्रशासन में भारी खलबली मच गई थी। जिले भर में शराब तस्करों पर बड़ी कार्रवाई की गई। शराब खेतों, नालों और सड़कों पर लावारिस हालत में पड़ी मिली थी। सरकार ने तत्कालीन कलेक्टर अनुराग वर्मा और एसपी अनुराग सुजानिया को हटा दिया था। एफआईआर आईपीसी की धारा 420, 465, 470, 471, 473 के तहत दर्ज की गई थी।

    पहली मौत का खुलासा ऐसे हुआ

    52 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत को परिजन पहले हार्ट अटैक मानकर अंतिम संस्कार कर चुके थे। लेकिन अगले दिन 28 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान कई लोगों ने दम तोड़ दिया। गांववालों ने हाईवे जाम कर प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बनाया।

    देशी शराब कितनी खतरनाक

    एक्सपर्ट डॉ. ए.के. श्रीवास्तव के अनुसार, देशी शराब में मिथाइल अल्कोहल मिलाया जाता है, जो ऑप्टिक नर्व को नष्ट कर देता है। इसके कारण उल्टियां, दृष्टि बाधित होना, हार्ट और लिवर डैमेज जैसे गंभीर प्रभाव होते हैं, जो कई बार मौत का कारण बनते हैं।

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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