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जहां गूंजती थी किशोर दा की योडलिंग:आज वही छात्रावास बना खंडहर

1946 से 1948 तक इंदौर क्रिश्चियन कॉलेज में रहे थे किशोर कुमार; इमली के पेड़ के नीचे करते थे योडलिंग का अभ्यास, अब जिला प्रशासन ने छात्रावास को घोषित किया खतरनाक भवन
आज वही छात्रावास बना खंडहर
फाइल फोटो

इंदौर। हिंदी सिनेमा के महान गायक और अभिनेता किशोर कुमार की 97वीं जयंती पर उनसे जुड़ी इंदौर की यादें एक बार फिर ताजा हो गई हैं। इंदौर क्रिश्चियन कॉलेज (आईसीसी) का वह ऐतिहासिक छात्रावास, जहां किशोर कुमार अपने भाई अनूप कुमार के साथ छात्र जीवन में रहे थे, आज बदहाली का शिकार होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है। कभी जहां उनकी योडलिंग की गूंज सुनाई देती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है।

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कॉलेज प्रशासन के अनुसार यह छात्रावास करीब सौ वर्ष पुराना है। इसकी जर्जर हालत को देखते हुए जिला प्रशासन इसे 'खतरनाक इमारत' घोषित कर चुका है। कॉलेज के प्राचार्य अमित डेविड ने बताया कि भवन की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि इसे मूल स्वरूप में संरक्षित या पुनर्निर्मित करना लगभग असंभव हो गया है। वर्षों तक मौसम की मार झेलने के कारण इसकी संरचना कमजोर हो चुकी है।

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इतिहास विभाग के प्रोफेसर स्वरूप वाजपेयी बताते हैं कि किशोर कुमार ने वर्ष 1946 से 1948 के बीच इंदौर क्रिश्चियन कॉलेज में अध्ययन किया था। इसी दौरान वे और उनके भाई अनूप कुमार छात्रावास के 60 कमरों में से एक कमरे में रहते थे। हालांकि पढ़ाई पूरी किए बिना ही वे मुंबई चले गए, जहां उन्होंने पार्श्व गायक, अभिनेता, संगीतकार, गीतकार, निर्माता और निर्देशक के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई।

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प्रो. वाजपेयी के अनुसार किशोर कुमार का स्वभाव बेहद मस्तमौला था। वे अक्सर क्लास छोड़कर कॉलेज परिसर में स्थित इमली के पेड़ के नीचे बैठ जाते और घंटों गाने गाते हुए अपनी अनोखी योडलिंग शैली का अभ्यास करते थे। यही अंदाज आगे चलकर उनकी पहचान बन गया और भारतीय फिल्म संगीत को एक नई शैली मिली।कॉलेज से जुड़ी एक और दिलचस्प कहानी आज भी लोगों के बीच चर्चित है। बताया जाता है कि उस दौर में कॉलेज की कैंटीन पर किशोर कुमार का 'पांच रुपया बारह आना' उधार था। माना जाता है कि बाद में फिल्म 'चलती का नाम गाड़ी' (1958) के लोकप्रिय गीत 'पांच रुपैया बारह आना' की प्रेरणा इसी घटना से मिली थी।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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