कांवड़ के साथ झूमे श्रद्धालु, शिव-हनुमान के स्वरूप ने लूटी महफिल; देखें सोहागपुर की भव्य यात्रा

सोहागपुर। श्रावण मास के पावन अवसर पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए रामप्रसाद वार्ड से इस वर्ष भी भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा का शुभारंभ पंडित ओमप्रकाश शर्मा के निवास स्थित शिव मंदिर से विधि-विधान के साथ हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लेकर यात्रा में शामिल हुए। कांवड़ यात्रा रेलवे स्टेशन होते हुए कोर्ट चौराहे पहुंची। इसके बाद यात्रा रामप्रसाद वार्ड के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी और वापस प्रारंभ स्थल पर पहुंची। पूरे रास्ते श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते और भक्ति गीत गाते नजर आए।
भक्ति गीतों पर झूमती नजर आईं महिलाएं
कांवड़ यात्रा में वार्ड की महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। महिलाएं भक्ति गीतों पर नृत्य करते हुए भगवान शिव का जयघोष करती चल रही थीं। श्रद्धालुओं की भक्ति और उत्साह से पूरा माहौल शिवमय नजर आया। कांवड़ियों ने पूरे रास्ते श्रद्धा और उत्साह के साथ यात्रा में सहभागिता की। जगह-जगह लोगों ने कांवड़ यात्रा का स्वागत भी किया।
कांवड़ के जल से भगवान शिव का अभिषेक
यात्रा के समापन के बाद कांवड़ में लाए गए पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती की गई। पूजा के बाद श्रद्धालुओं को महाप्रसाद का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से सुख, शांति और परिवार की खुशहाली की कामना की।
शिव-हनुमान के स्वरूप रहे आकर्षण का केंद्र
रामप्रसाद वार्ड की कांवड़ यात्रा में भगवान शिव और हनुमान जी के स्वरूप विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। दोनों स्वरूप यात्रा के साथ भक्ति गीतों पर नृत्य करते हुए चल रहे थे। श्रद्धालु इन स्वरूपों के साथ सेल्फी लेते और भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में यात्रा को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।
पंडित ओमप्रकाश शर्मा की अगुआई में निकली यात्रा
कांवड़ यात्रा पंडित ओमप्रकाश शर्मा की अगुआई में निकाली गई। इसमें वार्ड पार्षद आशीष विश्वकर्मा, पंडित बुद्धिप्रकाश शर्मा, फूलचंद विश्वकर्मा, बालकिशन विश्वकर्मा, वार्ड पार्षद रवि उइके, भोलाराम चौरसिया, कमलेश प्रजापति, घनश्याम विश्वकर्मा, राहुल शर्मा, ऋषभ दीक्षित, पप्पू विश्वकर्मा, शक्ति ठाकुर, निखिल शर्मा और अमित तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इसके अलावा पंडित रामस्वरूप शर्मा, रामेश्वर शर्मा, सुंदर मालवीय, परिणय मालवीय, प्रवीण मालवीय, मुकेश शर्मा, राघवेंद्र केवट और रितेश चौरसिया समेत कई कांवड़िये भी यात्रा का हिस्सा बने।
जयकारों से गूंजा पूरा क्षेत्र
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु लगातार भगवान शिव के जयकारे लगाते रहे। भक्ति गीतों और शिव नाम के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और आस्था के साथ यात्रा में हिस्सा लिया और भगवान शिव का जलाभिषेक कर श्रावण मास की धार्मिक परंपरा को निभाया।





















