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Sadhvi Prem Baisa :कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत, जांच के लिए SIT गठित

जोधपुर की प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। ACP छवि शर्मा की अगुवाई में टीम हर पहलू की जांच करेगी। पोस्टमार्टम सैंपल जांच में भेजे गए हैं। 25 साल की उम्र में साध्वी के निधन से इलाके में शोक और सवालों का माहौल है।
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कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत, जांच के लिए SIT गठित
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    जोधपुर की प्रसिद्ध कथा वाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस कमिश्नर ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनाई है। टीम की अगुवाई एसीपी छवि शर्मा कर रही हैं। इसमें बोरनाडा थाने के इंचार्ज शकील अहमद और एक फॉरेंसिक एक्सपर्ट भी शामिल हैं।

    निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच का भरोसा

    एसआईटी साध्वी प्रेम बाईसा की मौत से जुड़े हर पहलू की जांच करेगी। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से होगी। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    छोटी उम्र से अध्यात्म में रुचि

    साध्वी प्रेम बाईसा ने मात्र 12 साल की उम्र में धर्म और अध्यात्म का मार्ग अपनाया था। वे राजस्थान की ख्यातिप्राप्त कथावाचक थीं। 25 साल की उम्र में उनका असामयिक निधन हो गया।

    समाधि संस्कार और श्रद्धालुओं की उपस्थिति

    30 जनवरी 2026 को उनके पैतृक गांव परेऊ (बालोतरा) में पूरे विधि-विधान के साथ समाधि संस्कार हुआ। दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और ग्रामीण उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।

    अस्पताल में हुई मौत और पोस्टमार्टम

    27 जनवरी को अजमेर से कथा पूरी कर लौटने के बाद साध्वी प्रेम बाईसा को सांस लेने में तकलीफ हुई। कंपाउंडर ने उन्हें इंजेक्शन दिया, लेकिन तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें पाल रोड के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों की अनुमति से पोस्टमार्टम कर सैंपल जांच के लिए भेजे गए।

    मां के निधन के बाद आश्रम में जीवन

    साध्वी प्रेम बाईसा की मां का निधन पांच साल की उम्र में हो गया था। इसके बाद वे जोधपुर के आश्रम में रहकर संतों के मार्गदर्शन में कथा वाचन और भजन गायन में विशेष पहचान बनाई। 12 साल की उम्र में उन्होंने पहली कथा दी, और उनकी ख्याति बढ़ती चली गई।

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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