Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, पाकिस्तानी लश्कर कमांडर यासिर ढेर

जम्मू-कश्मीर के यूसमर्ग में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। संयुक्त बलों की कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा का पाकिस्तानी कमांडर यासिर मारा गया।
कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, पाकिस्तानी लश्कर कमांडर यासिर ढेर
मुठभेड़ में लश्कर का पाकिस्तानी कमांडर यासिर ढेर

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के यूसमर्ग इलाके में शनिवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस एनकाउंटर में पाकिस्तानी लश्कर-ए-तैयबा कमांडर यासिर मारा गया। संयुक्त सुरक्षाबलों ने इलाके में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। सुरक्षा एजेंसियां अब यासिर के नेटवर्क और उसकी हाल की गतिविधियों को लेकर जांच कर रही हैं।

लश्कर के सुलेमान मूसा ग्रुप का हिस्सा था यासिर

सूत्रों के मुताबिक, यासिर पहले लश्कर के बड़े कमांडर सुलेमान मूसा के ग्रुप का हिस्सा था। हालांकि, करीब एक साल पहले वह इस ग्रुप से अलग हो गया था। ग्रुप से अलग होने के बाद यासिर अलग तरीके से काम कर रहा था और यूसमर्ग इलाके में लश्कर के एक प्रमुख कमांडर के तौर पर सक्रिय था। सुरक्षा बल लंबे समय से यासिर की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। शनिवार को यूसमर्ग में सुरक्षाबलों और यासिर के बीच आमना-सामना हुआ, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। कार्रवाई के दौरान सुरक्षाबलों ने उसे मार गिराया।

यासिर के नेटवर्क की जांच शुरू

यूसमर्ग में हुआ यह एनकाउंटर जम्मू-कश्मीर में जारी आतंकवाद विरोधी अभियानों का हिस्सा है। अब सुरक्षा एजेंसियां यासिर के नेटवर्क, लश्कर के दूसरे आतंकियों के साथ उसके संपर्क और हाल की किसी आतंकी गतिविधि की योजना बनाने या उसे अंजाम देने में उसकी भूमिका की जांच कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड सुलेमान मूसा पिछले साल डाचीगाम में मारा गया था। यासिर के पहले उसके ग्रुप का हिस्सा होने की जानकारी भी जांच के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

Breaking News

बडगाम में भी मारा गया था एक संदिग्ध आतंकी

इससे पहले शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के मध्य कश्मीर स्थित बडगाम जिले में सेना और अन्य सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में पाकिस्तानी नागरिक होने के संदिग्ध एक आतंकी को मार गिराया गया था। इलाके में एक अन्य संदिग्ध आतंकी के छिपे होने की आशंका थी, जिसके चलते सुरक्षाबलों का तलाशी अभियान जारी था। यह ऑपरेशन भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से चलाया था। अधिकारियों के मुताबिक, सेना ने पुंछ के अशदर गली से यूसमर्ग होते हुए पुलवामा के पाखेरपोरा की ओर बढ़ रहे संदिग्ध आतंकियों के एक ग्रुप की गतिविधियों को ट्रैक किया था। सेना ने पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के ऊंचाई वाले पहाड़ी दर्रों से गुजर रहे इस ग्रुप की गतिविधियों पर नजर रखी थी। इसके बाद 1 सितंबर को इलाके में घेराबंदी की गई थी। 3 सितंबर को अशदर गली में सुरक्षाबलों का आतंकियों से संपर्क हुआ था।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

Latest Posts