Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

दिल्ली के सत्य निकेतन में बहुमंजिला इमारत ढही, मलबे में छात्रों के दबे होने की आशंका; NDRF समेत कई टीमें रेस्क्यू में जुटीं

दिल्ली के सत्य निकेतन में बारिश के बीच बहुमंजिला इमारत ढह गई। मलबे में कई छात्रों के फंसे होने की आशंका है। NDRF समेत कई टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं।
दिल्ली के सत्य निकेतन में बहुमंजिला इमारत ढही, मलबे में छात्रों के दबे होने की आशंका; NDRF समेत कई टीमें रेस्क्यू में जुटीं

नई दिल्ली। दिल्ली में मूसलाधार बारिश के बीच दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि इस इमारत में पीजी चल रहा था, जिसकी वजह से कई छात्रों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड, कैट एंबुलेंस और अन्य इमरजेंसी सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं। एनडीआरएफ की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई है। बचाव दल मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अब तक 2 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है।

दोपहर 1:34 बजे पुलिस को मिली सूचना

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दोपहर करीब 1:34 बजे साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन को नानकपुरा गुरुद्वारे के पास एक इमारत गिरने की सूचना मिली। जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक, उसे हादसे की जानकारी दोपहर 1:33 बजे मिली थी। इसके बाद करीब 12 फायर टेंडर मौके पर भेजे गए। रेस्क्यू टीमें लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं। शुरुआती जानकारी में 3 से 4 लोगों को मलबे से निकाले जाने की बात भी सामने आई है और घायलों को अस्पताल ले जाने की जानकारी दी गई है।

पीजी में रहते थे छात्र, कई के फंसे होने की आशंका

जानकारी के मुताबिक, जिस इमारत में हादसा हुआ वहां पीजी संचालित हो रहा था। इसी वजह से मलबे में कई छात्रों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हादसे के वक्त इमारत के अंदर कुल कितने लोग मौजूद थे। रेस्क्यू टीमों के साथ स्थानीय लोग भी बचाव अभियान में मदद कर रहे हैं। मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।

Breaking News

विधायक अनिल शर्मा ने लिया जायजा

आरके पुरम के विधायक अनिल शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना है। उनके मुताबिक, अलग-अलग जगहों से छात्र इस बिल्डिंग में पीजी में पढ़ने और रहने आते हैं। अनिल शर्मा ने कहा कि फिलहाल यह बताना मुश्किल है कि अंदर कितने छात्र फंसे हैं, लेकिन यह पक्का है कि छात्र अंदर मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ और एमसीडी की टीमों ने दो छात्रों को पहले ही बचा लिया है। कुछ छात्रों के अंदर से फोन करने की बात भी सामने आई है। विधायक ने कहा कि बचाव अभियान जारी है और सरकार का पूरा फोकस छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है।

सीएम रेखा गुप्ता ने बताया- युद्ध स्तर पर चल रहा रेस्क्यू

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि सत्य निकेतन, आरके पुरम में बिल्डिंग गिरने की घटना से वह बहुत परेशान हैं। सीएम ने बताया कि डीडीएमए, एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विसेज, दिल्ली पुलिस, एमसीडी, कैट्स और सिविल डिफेंस की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एहतियात के तौर पर पास की बिल्डिंग को खाली करा लिया गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद देने की हर संभव कोशिश की जा रही है। सभी संबंधित एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

ईरान में फ्यूल टैंकर में भीषण धमाका, 11 लोगों की मौत और 7 घायल; ब्रेक फेल होने से हुआ हादसा

NSUI ने सरकार से मांगी जवाबदेही

सत्य निकेतन हादसे को लेकर NSUI ने भी सरकार पर सवाल उठाए हैं। संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में इमारत गिरने की खबर बेहद चिंताजनक है और मलबे में डीयू के छात्रों के दबे होने की जानकारी सामने आ रही है। NSUI ने छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाते हुए युद्धस्तर पर राहत-बचाव अभियान चलाने और हर छात्र व व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने की मांग की। संगठन ने घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की है। फिलहाल मौके पर राहत और बचाव अभियान जारी है। मलबे में कितने लोग फंसे हैं, इसकी सटीक संख्या अभी सामने नहीं आई है। प्रशासन और बचाव एजेंसियां लगातार मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रही हैं।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

Latest Posts