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BJP सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री वी.श्रीनिवास का निधन, 4 दिन से ICU में थे; एक महीने पहले ही राजनीति से लिया था संन्यास

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BJP सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री वी.श्रीनिवास का निधन, 4 दिन से ICU में थे; एक महीने पहले ही राजनीति से लिया था संन्यास
बेंगलुरु। कर्नाटक के चामराजनगर के भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री वी श्रीनिवास प्रसाद का निधन हो गया है। उन्होंने 76 साल की उम्र में अंतिम सांस ली, वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और पिछले 4 दिनों से बेंगलुरु के निजी अस्पताल के ICU में भर्ती थे। श्रीनिवास उम्र संबंधी कई बीमारियों से पीड़ित थे, उन्हें 22 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मौत की वजह मल्टी-ऑर्गन फेल्योर बताई गई है। श्रीनिवास चामराजनगर से 7 बार सांसद और नंजनगुड से 2 बार विधायक रहे। श्रीनिवास ने अपना राजनीतिक सफर 1976 में जनता पार्टी से शुरू किया था। इसके बाद 1979 में उन्होंने कांग्रेस जॉइन की थी। भाजपा जॉइन करने से पहले वे JDS, JDU और समता पार्टी में भी रह चुके हैं। श्रीनिवास ने अपने राजनीतिक करियर की स्वर्ण जयंती जश्न के बाद 17 मार्च को संन्यास लेने का ऐलान किया था। https://twitter.com/psamachar1/status/1784791999054229774

निर्दलीय चुनाव लड़कर शुरू किया था सियासी सफर

वी.श्रीनिवास प्रसाद का जन्म 6 जुलाई, 1947 को मैसूर के अशोकपुरम में हुआ था। प्रसाद ने 17 मार्च, 1974 को कृष्णराज विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी राजनीति में प्रवेश किया था। वह बचपन से 1972 तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्वयंसेवक थे और जनसंघ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में एक्टिव थे। एक दलित नेता और राजनीतिज्ञ होने के अलावा, वह पढ़ाई में भी अच्छे थे।

14 चुनाव लड़े, 8 में मिली जीत

वी.श्रीनिवास प्रसाद ने कुल 14 चुनाव लड़े, जिनमें से आठ में जीत हासिल की। उन्होंने चामराजनगर निर्वाचन क्षेत्र से नौ लोकसभा चुनाव लड़े और छह में जीत मिली। उन्होंने 1999 से 2004 तक लोकजनशक्ति सांसद के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी मंत्रिमंडल में केंद्रीय मंत्री के रूप में काम किया। वह दो बार विधायक चुने गए और कर्नाटक के राजस्व मंत्री के रूप में कार्य किया। कांग्रेस, फिर जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल होने और फिर कांग्रेस में लौटने से पहले उन्होंने 1980 में जनता पार्टी के सदस्य के रूप में अपनी लोकसभा यात्रा शुरू की। 2016 में सिद्धारमैया कैबिनेट से हटाए जाने के बाद वह बीजेपी में शामिल हो गए। ये भी पढ़ें- संघ परिवार ने कभी आरक्षण का विरोध नहीं किया : भागवत
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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