गोल्ड स्मगलिंग केस में रान्या राव को नहीं मिली जमानत, COFEPOSA के तहत हुई 1 साल की सजा; जमानत का भी अधिकार नहीं

बेंगलुरु। कन्नड़ फिल्मों में अपनी पहचान बना चुकीं एक्ट्रेस रान्या राव अब सुर्खियों में किसी फिल्म की वजह से नहीं, बल्कि सोना तस्करी के एक बड़े मामले की वजह से हैं। मार्च 2025 में बेंगलुरु एयरपोर्ट पर दुबई से लाए गए करीब 14.8 किलो सोने के साथ पकड़ी गईं रान्या राव को अब COFEPOSA (विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी निवारण अधिनियम) के तहत एक साल की जेल की सजा सुनाई गई है।
कौन हैं रान्या राव?
- रान्या राव का असली नाम हर्षवर्धनी रान्या है।
- वे कर्नाटक के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के. रामचंद्र राव की सौतेली बेटी हैं।
- रान्या ने साउथ की कई फिल्मों में काम किया है, जिसमें 2014 की हिट फिल्म “माणिक्य” प्रमुख है।
- एक्टिंग के लिए उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में छोड़ी और मुंबई जाकर कोर्स किया।
कैसे हुआ गोल्ड स्मगलिंग का खुलासा?
3 मार्च 2025 को रान्या दुबई से बेंगलुरु के केंपगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचीं।
वे हमेशा की तरह ग्रीन चैनल से बाहर निकलने जा रही थीं, तभी DRI (डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) को उन पर शक हुआ।
तलाशी के दौरान उनके शरीर के अलग-अलग हिस्सों और कपड़ों में छिपाकर रखा गया 14.8 किलो सोना बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 12.56 करोड़ रुपये आंकी गई।
जांच में क्या सामने आया?
- जांच में पता चला कि रान्या ने 2023 से 2025 के बीच 34 बार दुबई की यात्रा की थी।
- पूछताछ में उन्होंने कहा कि वे मॉडलिंग और रियल एस्टेट के काम से विदेश जाती थीं।
- उनके घर से 2.1 करोड़ रुपये की ज्वेलरी और 2.7 करोड़ रुपये नकद भी बरामद हुए।
कोर्ट की कार्रवाई और सजा
शुरुआती दौर में DRI समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई, जिससे रान्या को प्रोसेस बेस्ड डिफॉल्ट बेल मिली थी। लेकिन 22 अप्रैल को COFEPOSA के तहत डिटेंशन ऑर्डर जारी हुआ। जुलाई में सलाहकार बोर्ड ने रान्या को एक साल की जेल की सजा दी और साफ कर दिया कि इस अवधि में कोई जमानत नहीं मिलेगी।
अन्य आरोप और कानूनी स्थिति
रान्या और दो अन्य आरोपी- तरुण राजू और साहिल सकरिया फिलहाल बैंगलोर सेंट्रल जेल में बंद हैं। ED ने PMLA के तहत भी कार्रवाई करते हुए रान्या की 34 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। उनके खिलाफ कस्टम्स एक्ट की धारा 104 और 135, और धारा 108 के तहत मामला दर्ज है।
रान्या की दलील और बचाव
रान्या की कानूनी टीम का कहना है कि DRI ने जांच में कई खामियां छोड़ी हैं और दस्तावेजों में हेरफेर की है।
उनके मुताबिक, यह अपराध “कंपीजेबल” यानी समझौते योग्य है, लेकिन फिलहाल कानून की पकड़ में फंसी रान्या की रिहाई और करियर दोनों अधर में लटके हैं।











