प्रवीण श्रीवास्तव,भोपाल। हर मां की इच्छा होती है कि उसके घर राम जैसी संतान आए। यही कारण है कि वे महिलाएं जिनकी डिलीवरी कुछ दिन में होने वाली है, अब बच्चे को 22 जनवरी को जन्म देना चाहती हैं। दरअसल, दो साल पहले इसी दिन अयोध्या में रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। ऐसे में गर्भवती महिलाएं इस दिन प्रसव के जतन कर रही हैं।
वे महिलाएं जिनकी डिलीवरी का समय 22 जनवरी के आसपास है वे चाहती हैं कि शुभ घड़ी में बच्चे का जन्म हो। वे डॉक्टर से कहकर जन्म तारीख आगे या पहले करवाना चाहती हैं। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि डिलीवरी को एक दो दिन तो आगे पीछे किया सकता है, लेकिन इससे ज्यादा करने पर यह मां और बच्चे दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
चौकसे नगर में रहने वाली रोशनी श्रीवास्तव बताती हैं कि डॉक्टरों ने डिलीवरी 20 जनवरी कही थी। वे चाहती हैं कि डेट दो दिन बढ़ जाए। इसी तरह माया विश्वकर्मा ने बताया कि उन्हे 27 जनवरी की डेट दी गई थी, लेकिन वे चाहती हैं कि उनकी संतान 22 जनवरी को जन्म ले। हालांकि अभी डॉक्टर ने इसके बारे में कोई सहमति नहीं दी।
वरिष्ठ महिला चिकित्सक डॉ. नीलिमा अग्रवाल बताती हैं कि उनके पास भी ऐसे प्रपोजल आए हैं। महिलाएं इसी शुभ दिन की डिलीवरी के लिए तारीख मांग रही हैं। उन्होंने सलाह दी है कि प्रसव का निर्णय खुद से कतई न करें और न ही अपने डॉक्टर पर कोई दबाव बनाएं।
महिला चिकित्सक डॉ. रेणुका सिंह बताती हैं कि सामान्य प्रसव में तो कुछ नहीं किया जा सकता। जिन महिलाओं का ऑपरेशन होना है, वह परामर्श लेने आ रही हैं। हम पहले तो कोशिश करते है कि जो डेट दी गई है, डिलीवरी उसी तारीख पर हो। एकआध दिन तो आगे पीछे कर सकते हैं।