नितिन नबीन बने BJP के नए अध्यक्ष :PM मोदी ने माला पहनाकर किया स्वागत, बोले- नबीन मेरे बॉस और मैं उनका कार्यकर्ता

नितिन नबीन भाजपा के निर्विरोध 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। भाजपा मुख्यालय में उनके नाम का ऐलान किया गया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया। पीएम मोदी ने कहा कि वे खुद को पार्टी का कार्यकर्ता मानते हैं और नितिन नबीन को अपना बॉस बताते हैं। अध्यक्ष पद के लिए कोई अन्य नामांकन न आने से उनका चयन निर्विरोध हुआ।
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PM मोदी ने माला पहनाकर किया स्वागत, बोले- नबीन मेरे बॉस और मैं उनका कार्यकर्ता
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। नितिन नबीन को भारतीय जनता पार्टी का निर्विरोध 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है। मंगलवार को भाजपा मुख्यालय में उनके नाम का औपचारिक ऐलान किया गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नितिन नबीन को माला पहनाकर बधाई दी और भावुक भाषण दिया। पीएम मोदी ने कहा कि पार्टी में पद नहीं, बल्कि कार्यकर्ता भावना सबसे ऊपर है।

    नितिन नबीन का निर्विरोध चुनाव

    भाजपा मुख्यालय में सोमवार को अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुए। किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन नहीं भरा, इसलिए नितिन नबीन निर्विरोध चुने गए। इससे पहले उन्हें 14 दिसंबर 2025 को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। नबीन ने दिल्ली के प्रमुख मंदिरों में माथा टेका, जिसमें भगवान वाल्मीकि मंदिर, गुरुद्वारा बंगला साहिब और झंडेवाला मंदिर शामिल थे।

    पीएम मोदी बोले- नितिन नबीन मेरे बॉस हैं

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा ऐसी पार्टी है, जहां कार्यकर्ता की पहचान सबसे बड़ी होती है। उन्होंने कहा, लोग सोचते होंगे कि मोदी इतनी कम उम्र में मुख्यमंत्री और फिर देश का प्रधानमंत्री बन गया, लेकिन मेरे लिए सबसे गर्व की बात यह है कि मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूं। मैं मानता हूं कि नितिन नबीन मेरे बॉस हैं और मैं एक कार्यकर्ता हूं।

    पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, जो कांग्रेस की बुराइयों से दूर रहेगा वही देश को आगे बढ़ाएगा। इससे पहले नितिन नबीन ने दिल्ली में भगवान वाल्मीकि मंदिर, गुरुद्वारा बंगला साहिब और झंडेवाला मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की थी। गौरतलब है कि नितिन नबीन को 14 दिसंबर 2025 को भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।

    मोदी की भाषण की प्रमुख बातें

    1. कांग्रेस के पतन का जिक्र

    पीएम मोदी ने कहा कि देश के सामने कांग्रेस का पतन साफ है। 1984 में कांग्रेस को 400 से ज्यादा सीटें मिली थीं, लेकिन आज वह 100 सीटों के लिए संघर्ष कर रही है। मोदी ने कहा कि कांग्रेस अपनी हार के कारणों की समीक्षा करने की हिम्मत नहीं करती।

    2. घुसपैठियों को रोकना जरूरी

    मोदी ने चेतावनी दी कि घुसपैठियों को भारत में गरीब और युवाओं के हक लूटने नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल जो वोट बैंक की राजनीति में घुसपैठियों को बचा रहे हैं, उन्हें जनता के सामने बेनकाब करना होगा।

    3. महाराष्ट्र नतीजों से भाजपा की मजबूती

    मोदी ने कहा कि भाजपा महाराष्ट्र के स्थानीय निकायों में नंबर वन पार्टी बनी है। 29 में से 25 बड़े शहरों की जनता ने भाजपा-एनडीए को चुना। केरल में भाजपा के करीब 100 पार्षद हैं। तिरुवनंतपुरम में 45 साल बाद मेयर का पद भाजपा ने जीता।

    4. चुनावी सफलता और जनता का भरोसा

    पीएम मोदी ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में भाजपा ने 6 राज्यों में विधानसभा चुनाव लड़ा, जिनमें से 4 चुनाव भाजपा-एनडीए ने जीते। यह जनता के भरोसे और भाजपा की स्ट्राइक रेट को दर्शाता है।

    5. व्यक्तिगत भाव और कार्यकर्ता भावना

    पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा, लोग सोचते होंगे कि तीन बार प्रधानमंत्री बनना बड़ी बात है, लेकिन मेरे जीवन का सबसे बड़ा गर्व यह है कि मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूं। उन्होंने नितिन नबीन को ‘मिलेनियल लीडर’ बताया, जो युवा ऊर्जा और संगठन का अनुभव दोनों लिए हैं।

    पीएम मोदी समेत शीर्ष नेताओं का समर्थन

    नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री-उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और संगठन के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभी ने नितिन नबीन के नाम का प्रस्ताव और समर्थन किया।

    पत्नी दीपमाला बोलीं- हीरे की परख जौहरी को ही

    नितिन नबीन की पत्नी दीपमाला श्रीवास्तव ने इस मौके पर कहा, केंद्रीय नेतृत्व जानता है कि कौन व्यक्ति काम करने में सक्षम है। हीरे की परख जौहरी को ही होती है। पार्टी ने सही व्यक्ति को चुना है। नितिन ने पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत की है, आज उसकी पहचान मिली है।

    कौन हैं नितिन नबीन

    नितिन नबीन का जन्म 23 मई 1980 को पटना में हुआ। उनके पिता नवीन किशोर सिन्हा वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व विधायक रहे हैं। नितिन नबीन पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए हैं। उन्होंने वर्ष 2006, 2010, 2015, 2020 और 2025 में विधानसभा चुनाव जीता।

    राजनीतिक सफर के दौरान उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव और बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण संगठनात्मक पदों पर कार्य किया। इसके साथ ही वे बिहार सरकार में सड़क एवं परिवहन मंत्री भी रह चुके हैं। उनकी घोषित संपत्ति लगभग 3.1 करोड़ रुपए है। दिसंबर 2025 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।

    भाजपा अध्यक्ष बनने की चुनाव प्रक्रिया

    भारतीय जनता पार्टी के संविधान की धारा-19 के तहत राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव किया जाता है। इस चुनाव प्रक्रिया में पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की अहम भूमिका होती है, जिसमें लगभग 5,708 सदस्य शामिल होते हैं। इनमें राष्ट्रीय परिषद के सदस्य और विभिन्न राज्यों की राज्य परिषदों के प्रतिनिधि होते हैं।

    नियमों के अनुसार, यदि राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए केवल एक ही नामांकन दाखिल होता है, तो चुनाव के लिए मतदान कराने की आवश्यकता नहीं होती और प्रत्याशी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया जाता है।

    अध्यक्ष बनने की शर्तें:

    • कम से कम 15 साल की प्राथमिक सदस्यता।
    • इलेक्टोरल कॉलेज के 20 सदस्यों का समर्थन।
    • नए अध्यक्ष के कार्यकाल में 11 बड़े चुनाव

    नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनके कार्यकाल में भारतीय जनता पार्टी के सामने कई बड़े और अहम चुनावी मुकाबले होंगे। वर्ष 2026 में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम में विधानसभा चुनाव होने हैं, जो पार्टी के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

    इसके बाद वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होंगे। इसी अवधि में देश के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव भी संपन्न होंगे, जिससे नितिन नबीन का कार्यकाल राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से काफी निर्णायक रहने वाला है।

    भाजपा अध्यक्ष की भूमिका और ताकत

    भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास संगठन और राजनीति दोनों स्तरों पर व्यापक और महत्वपूर्ण अधिकार होते हैं।

    • राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी की चुनावी रणनीति तैयार करने और गठबंधनों को अंतिम रूप देने की भूमिका निभाता है। इसके साथ ही केंद्र और राज्यों में सरकार तथा संगठन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना भी उनकी जिम्मेदारी होती है।
    • महासचिवों, प्रवक्ताओं और प्रदेश अध्यक्षों जैसी अहम संगठनात्मक नियुक्तियों में अंतिम निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास होता है।
    • पार्टी के विस्तार, नए राजनीतिक सहयोगियों से संवाद, राष्ट्रीय मुद्दों पर पार्टी का आधिकारिक रुख तय करना और RSS तथा अन्य सहयोगी संगठनों के साथ संतुलन बनाए रखना भी राष्ट्रीय अध्यक्ष की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।

    पिछले 6 महीने में संगठन में बड़ा बदलाव

    भाजपा संगठन में पिछले छह महीनों में कई अहम नियुक्तियां हुई हैं-

    मध्य प्रदेश: हेमंत खंडेलवाल

    उत्तर प्रदेश: पंकज चौधरी

    झारखंड: आदित्य साहू

    तीनों को निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुना गया।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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