Aakash Waghmare
19 Jan 2026
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है। नितिन नबीन भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ एक ही नामांकन आने के कारण वे निर्विरोध चुने गए। उनका कार्यकाल तीन साल का होगा। पार्टी का यह फैसला साफ संकेत देता है कि, भाजपा अब भविष्य की राजनीति और नई पीढ़ी की लीडरशिप पर पूरा फोकस कर रही है।
6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई थी और अब पार्टी अपने 45 साल पूरे कर चुकी है। इन वर्षों में भाजपा की कमान अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी जैसे दिग्गज नेताओं के हाथों में रही। लेकिन अब पहली बार पार्टी ने पूरी तरह युवा नेतृत्व पर भरोसा जताया है। 45 वर्षीय नितिन नबीन को अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने साफ संकेत दिया है कि उसका फोकस भविष्य की लीडरशिप तैयार करने पर है।
अटल बिहारी वाजपेयी
कार्यकाल: 1980 - 1986
अध्यक्ष बनने की उम्र: 55 वर्ष
लालकृष्ण आडवाणी (पहली बार)
कार्यकाल: 1986 - 1991
उम्र: 58 वर्ष
मुरली मनोहर जोशी
कार्यकाल: 1991 - 1993
उम्र: 57 वर्ष
लालकृष्ण आडवाणी (दूसरी बार)
कार्यकाल: 1993 - 1998
उम्र: 65 वर्ष
कुशाभाऊ ठाकरे
कार्यकाल: 1998 - 2000
उम्र: 75 वर्ष
बंगारू लक्ष्मण
कार्यकाल: 2000 - 2001
उम्र: 61 वर्ष
जना कृष्णमूर्ति
कार्यकाल: 2001 - 2002
उम्र: 72 वर्ष
एम. वेंकैया नायडू
कार्यकाल: 2002 - 2004
उम्र: 53 वर्ष
लालकृष्ण आडवाणी (तीसरी बार)
कार्यकाल: 2004 - 2005
उम्र: 77 वर्ष
राजनाथ सिंह (पहली बार)
कार्यकाल: 2005 - 2009
उम्र: 54 वर्ष
नितिन गडकरी
कार्यकाल: 2009 - 2013
उम्र: 52 वर्ष
राजनाथ सिंह (दूसरी बार)
कार्यकाल: 2013 - 2014
उम्र: 61 वर्ष
अमित शाह
कार्यकाल: 2014 - 2020
उम्र: 49 वर्ष
जे.पी. नड्डा
कार्यकाल: 2020 - 2024
उम्र: 59 वर्ष
नितिन नबीन
कार्यकाल: 2025 - वर्तमान
उम्र: 45 वर्ष (अब तक के सबसे युवा अध्यक्ष)
लोकसभा चुनाव 2024 के बाद जेपी नड्डा का कार्यकाल समाप्त हो गया था। इसके बाद पार्टी नेतृत्व नए अध्यक्ष की तलाश में था। दिसंबर 2024 में नितिन नबीन को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर संकेत दे दिए गए थे कि, पार्टी उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने जा रही है। अब औपचारिक रूप से उन्हें पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाया जा रहा है।
[featured type="Featured"]
नितिन नबीन पांच बार विधायक रह चुके हैं। इससे पहले वे भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री भी रह चुके हैं, जहां उन्होंने संगठनात्मक क्षमता का परिचय दिया। युवाओं को पार्टी से जोड़ने में उनकी भूमिका को काफी अहम माना जाता है।
इसके अलावा उन्हें छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में सह-प्रभारी बनाया गया था। प्रचार रणनीति और चुनाव प्रबंधन में उनकी भूमिका को पार्टी की जीत से जोड़कर देखा जाता है।
नितिन नबीन भाजपा अध्यक्ष बनने वाले बिहार के पहले नेता होंगे। पार्टी और आरएसएस लंबे समय से भविष्य की लीडरशिप तैयार करने की बात करते रहे हैं। नितिन नबीन की ताजपोशी इसी सोच का नतीजा मानी जा रही है। भाजपा अब 2029 और उसके बाद के भारत को ध्यान में रखकर संगठन को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
यह भी पढ़ें: नितिन नबीन बने BJP के नए अध्यक्ष : PM मोदी ने माला पहनाकर किया स्वागत, बोले- नबीन मेरे बॉस और मैं उनका कार्यकर्ता