कनाडा के गुरुद्वारे में चाकू से हमला, दो श्रद्धालु घायल; आरोपी गिरफ्तार, PM मार्क कार्नी ने घटना को बताया भयावह

कनाडा के एडमॉन्टन स्थित नानकसर गुरुद्वारे में शुक्रवार सुबह एक गंभीर घटना सामने आई। तड़के करीब 5 बजे एक युवक अचानक गुरुद्वारे के अंदर घुस गया और प्रार्थना स्थल की तरफ जाने की कोशिश करने लगा। वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे रोकने की कोशिश की, जिसके बाद मामला बिगड़ गया। आरोप है कि युवक ने गुस्से में वहां मौजूद दो श्रद्धालुओं पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में 75 साल और 51 साल के दो पुरुष घायल हुए हैं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना के तुरंत बाद गुरुद्वारे में मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ा
एडमॉन्टन पुलिस के अनुसार, घटना शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे हुई। आरोपी द्वारा चाकू निकालकर हमला किए जाने के बाद गुरुद्वारे में मौजूद लोगों ने तुरंत उसे काबू कर लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी उम्र 27 साल बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले भी हिंसक घटनाओं से जुड़े मामलों में रिकॉर्ड में रहा है। जांच में सामने आया है कि वह हमले से सिर्फ एक दिन पहले अल्बर्टा की संघीय जेल से रिहा हुआ था। रिहाई के बाद उसे एडमॉन्टन में एक निर्धारित हाफवे हाउस में रिपोर्ट करना था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा।
पुलिस जांच कर रही है हमले की वजह
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने गुरुद्वारे में हमला क्यों किया। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि क्या इस घटना के पीछे किसी तरह की नफरत या सिख विरोधी सोच थी। पुलिस ने अभी हमले को किसी खास विचारधारा से जोड़कर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। मामले की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ के जरिए घटना की पूरी वजह पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
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सिख संगठन ने जताई चिंता
वर्ल्ड सिख ऑर्गेनाइजेशन ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन का दावा है कि हमले के दौरान गुरुद्वारे के अंदर मौजूद सिख धर्मग्रंथ की भी बेअदबी की गई। हालांकि, पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धर्मग्रंथ से जुड़ी कोई घटना वास्तव में हुई थी या नहीं। घटना के बाद गुरुद्वारे को कुछ समय के लिए आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया, ताकि पुलिस मौके की जांच और जरूरी कार्रवाई पूरी कर सके।
PM मार्क कार्नी ने घटना को बताया भयावह
कनाडा के PM मार्क कार्नी ने नानकसर गुरुद्वारे में हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए घायलों और सिख समुदाय के प्रति संवेदना जताई। कार्नी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी पूजा की जगह पर असुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए। उन्होंने एडमॉन्टन पुलिस की त्वरित कार्रवाई की भी सराहना की। प्रधानमंत्री के बयान के बाद इस घटना को लेकर कनाडा में भी चर्चा तेज हो गई है। धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
गुरुद्वारे की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
धार्मिक स्थल पर हुई इस घटना ने कनाडा में गुरुद्वारों और अन्य पूजा स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। गुरुद्वारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। हालांकि इस मामले में मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत आरोपी को पकड़ लिया, जिससे स्थिति को और गंभीर होने से रोका जा सका। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी गुरुद्वारे तक कैसे पहुंचा, उसका मकसद क्या था और क्या उसने किसी खास व्यक्ति या समुदाय को निशाना बनाया था।
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पहले भी गुरुद्वारे में तोड़फोड़ की घटना आई थी सामने
कनाडा में गुरुद्वारों से जुड़ी विवादित घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। पिछले साल वैंकूवर के एक गुरुद्वारे में तोड़फोड़ की घटना की खबर सामने आई थी। इस दौरान दीवारों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे जाने का दावा किया गया था। खालसा दीवान सोसाइटी ने उस समय घटना की निंदा करते हुए कहा था कि सिख अलगाववादियों के एक छोटे समूह ने गुरुद्वारे की दीवारों को नुकसान पहुंचाया और विभाजनकारी नारे लिखे। हालांकि, एडमॉन्टन की मौजूदा घटना को उस पुराने मामले से जोड़ने का कोई आधार फिलहाल सामने नहीं आया है। पुलिस इस घटना की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
नानकसर गुरुद्वारे में हुए चाकू हमले के बाद आरोपी पुलिस हिरासत में है। दो श्रद्धालुओं का इलाज चल रहा है और दोनों की हालत स्थिर बताई गई है। पुलिस अब आरोपी के पुराने रिकॉर्ड, घटना के समय की गतिविधियों और हमले के पीछे की वजह की जांच कर रही है। साथ ही कथित सिख धर्मग्रंथ की बेअदबी के आरोप की भी जांच की जा रही है।




















