सावन में मंदिरों पर चोरों की नजर! शिव मंदिर से 4 किलो चांदी के मुकुट चोरी, खाटू श्याम मंदिर से 70 हजार उड़ाए

करनाल में सावन के दौरान मंदिरों में जहां भगवान शिव के जयकारे गूंज रहे थे और भक्त पूजा-अर्चना में जुटे थे, वहीं दूसरी तरफ चोर मंदिरों को ही निशाना बनाने में लगे थे। करनाल पुलिस की CIA-3 टीम ने मंदिरों में चोरी के मामलों में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-9 स्थित श्री शिव सनातन मंदिर में भगवान के चांदी के मुकुट और दूसरे सामान पर हाथ साफ किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को इस मामले में पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले आरोपी वजीर चंद उर्फ वजीरा तक पहुंचने में कामयाबी मिली। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी का चांदी जैसा मुकुट और अन्य सामान बरामद करने का दावा किया है। मामला सिर्फ शिव मंदिर की चोरी तक सीमित नहीं बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, इससे पहले सदर बाजार इलाके के खाटू श्याम मंदिर में भी दानपात्र को काटकर करीब 70 हजार रुपए चोरी किए गए थे। दोनों घटनाओं में CCTV फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान और उनकी गतिविधियों की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।
सेक्टर-9 के शिव मंदिर में ऐसे हुई चोरी
मामला करनाल के सेक्टर-9 स्थित श्री शिव सनातन मंदिर का है। पुलिस के अनुसार, चोरों ने मंदिर के कार्यालय और हॉल के ताले तोड़े और वहां रखे भगवान के चांदी के मुकुट समेत अन्य सामान चोरी कर लिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की। इस मामले में मंदिर की ओर से आनंद शर्मा ने शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-32/33 में चोरी का मामला दर्ज किया गया। जांच की जिम्मेदारी CIA-3 की टीम को दी गई। पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, टीम का नेतृत्व CIA-3 प्रभारी अजेय सागवान कर रहे थे, जबकि ASI राजेश शर्मा की टीम ने मामले में कार्रवाई की। जांच के दौरान पुलिस ने CCTV फुटेज और दूसरे सुरागों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की। इसके बाद वजीर चंद उर्फ वजीरा को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, वजीरा करनाल के अशोक नगर का रहने वाला है और उसके खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
तीन दिन के रिमांड में हुई बरामदगी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को तीन दिन के रिमांड पर लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद करने का दावा किया। पुलिस के अनुसार, उसके कब्जे से चांदी जैसा मुकुट और मंदिर से चोरी किया गया अन्य सामान मिला है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि मंदिर में हुई चोरी के पीछे सिर्फ एक आरोपी था या इस पूरी वारदात में और लोग भी शामिल थे। उपलब्ध पुलिस रिपोर्ट में मामले से जुड़े अन्य संभावित सहयोगियों की जांच जारी रहने की बात कही गई है।
खाटू श्याम मंदिर के दानपात्र को भी बनाया निशाना
पुलिस की जांच में एक दूसरी मंदिर चोरी की वारदात का भी जिक्र सामने आया है। आरोप है कि सदर बाजार स्थित खाटू श्याम मंदिर में चोरों ने दानपात्र को काट दिया और उसमें रखी करीब 70 हजार रुपए की नकदी लेकर फरार हो गए। इस वारदात की तस्वीरें CCTV कैमरे में कैद होने की बात सामने आई थी। पुलिस ने मंदिर चोरी के मामलों की जांच के दौरान CCTV फुटेज को अहम सुराग माना। इसी आधार पर आरोपियों की पहचान करने और दोनों घटनाओं के बीच संबंध तलाशने की कोशिश की गई। पुलिस के मुताबिक, खाटू श्याम मंदिर से चोरी की गई रकम में से करीब 30 हजार रुपये भी बरामद किए गए हैं। हालांकि, उपलब्ध स्वतंत्र पुलिस-आधारित रिपोर्ट में इस दूसरी वारदात और 30 हजार रुपये की बरामदगी का विस्तृत विवरण नहीं मिलता है, इसलिए इस हिस्से को पुलिस के दावे के रूप में देखा जाना चाहिए।
वजीरा का पहले भी रहा है आपराधिक रिकॉर्ड
सेक्टर-9 शिव मंदिर चोरी के मामले में गिरफ्तार वजीर चंद उर्फ वजीरा का नाम पुलिस रिकॉर्ड में पहले से होने की बात भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। यानी मंदिर में चोरी का यह मामला उसके लिए पहली आपराधिक वारदात नहीं बताया जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने करनाल या आसपास के इलाकों में इससे पहले और कितनी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मंदिरों को निशाना बनाने वाली इन वारदातों में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।
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रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट ने भेजा जेल
पुलिस ने पूछताछ और बरामदगी की कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया। तीन दिन का पुलिस रिमांड पूरा होने के बाद अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। मंदिर में चोरी की घटना सामने आने के बाद पुलिस अब पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही है। CCTV फुटेज, पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और बरामद सामान के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने इससे पहले कितनी वारदातें की हैं। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ मंदिरों में हुई दूसरी चोरियों से भी इस मामले के तार जुड़ने की संभावना तलाश की जा रही है।





















