जबलपुर में नेताजी सुभाषचंद्र बोस सेंट्रल जेल में कैदी चार दीवारों के भीतर इको-फ्रेंडली गणेश जी की मूर्तियां बना रहे हैं। वहीं, इन मूर्तियों को जेल के बाहर एक स्टॉल पर बेचा भी जा रहा है।
जबलपुर कि सेंट्रल जेल में सजा काट रहे कैदियों कि काबिलियत को देखते हुए जेल प्रशासन ने कैदियों की टीम बनाई ताकि वे जेल में रहकर गणेश जी की मूर्तियां बना सके।
आपको बता दें कि ये मूर्तियां इको-फ्रेंडली है, मूर्तियों को बनाने में गोबर, मिट्टी और तुलसी के बीज का इस्तेमाल किया जा रहा हैं, ताकि विसर्जन के बाद ये पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचाएं।
जेल उप अधीक्षक का मानना है कि इस पहल से कैदियों को रचनात्मक कार्यों से जोड़ कर और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने आगे बताया कि इस साल लगभग 200 मूर्तियां बनाई गई हैं, जिन्हें आठ कैदियों की एक टीम ने मिलकर तैयार किया है।
ये मूर्तियां न केवल इको-फ्रेंडली हैं, बल्कि इनका मूल्य भी बहुत कम है। मूर्तियों को जेल के बाहर एक स्टॉल पर बेचा जा रहा है। इनकी कीमत 51 रुपए से 351 रुपए तक है। लोग यहां से मूर्तियां खरीद रहे हैं, क्योंकि ये सस्ती होने के साथ-साथ पर्यावरण के लिए सुरक्षित भी हैं।
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