ईरान हमले रोकने वाला प्रस्ताव अमेरिकी सीनेट में फेल :49-50 के बहुमत से खारिज हुआ, विपक्ष को तगड़ा झटका

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी सीनेट में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर राष्ट्रपति के अधिकारों को सीमित करने की कोशिश सफल नहीं हो सकी। गुरुवार को इस प्रस्ताव पर मतदान हुआ, जिसमें इसके पक्ष में 49 और विरोध में 50 वोट पड़े। एक वोट से प्रस्ताव आवश्यक समर्थन हासिल नहीं कर पाया और आगे की प्रक्रिया रुक गई।
यह प्रस्ताव इस उद्देश्य से लाया गया था कि ईरान के खिलाफ किसी बड़े सैन्य अभियान से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति को कांग्रेस की मंजूरी लेना जरूरी हो। प्रस्ताव रखने वाले सांसद चाहते थे कि इस पर सीनेट में विस्तार से चर्चा हो और फिर अंतिम मतदान कराया जाए, लेकिन पर्याप्त समर्थन नहीं मिलने के कारण ऐसा नहीं हो सका।
प्रस्ताव पास होने से क्या होता?
अगर यह प्रस्ताव पारित हो जाता, तो भविष्य में ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान शुरू करने से पहले राष्ट्रपति को कांग्रेस की अनुमति लेनी पड़ सकती थी। हालांकि प्रस्ताव गिरने के बाद फिलहाल राष्ट्रपति के मौजूदा सैन्य अधिकारों में कोई बदलाव नहीं होगा और पहले जैसी व्यवस्था ही लागू रहेगी।
दोनों देशों के हमले हुए तेज
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ बड़े सैन्य कदम उठाए हैं। अमेरिका ने ईरान के कई शहरों और द्वीपों पर हवाई हमले किए, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा करते हुए अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है। इस बीच लाल सागर (रेड सी) और होर्मुज स्ट्रेट में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
पिछले 24 घंटे में क्या- क्या हुआ
1. मिस्र के बंदरगाह पर पहली बार हमला
ईरान-इजराइल-अमेरिका तनाव के बीच पहली बार मिस्र भी इस संघर्ष की चपेट में आता दिखा। मिस्र के एक बंदरगाह पर ड्रोन हमले के बाद दो मालवाहक जहाजों में आग लग गई। शुरुआती रिपोर्ट्स में इस हमले के पीछे ईरान समर्थित तत्वों पर शक जताया जा रहा है।
2. अमेरिका ने ईरान के 10 शहरों को बनाया निशाना
अमेरिकी सेना ने गुरुवार देर रात ईरान के कई शहरों और रणनीतिक ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए। बंदर अब्बास, किश और क़ेश्म द्वीप समेत कई जगह धमाकों की खबर सामने आई। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।
3. ईरान ने किया जवाबी हमले का दावा
अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
4. कुवैत में चीनी कंपनी की इमारत पर हमला
ईरानी हमले के दौरान उत्तरी कुवैत में एक चीनी कंपनी की बिल्डिंग भी चपेट में आ गई। हमले में एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि कई लोगों के घायल होने की खबर है।
5. रेड सी की सुरक्षा के लिए सऊदी की बड़ी पहल
लगातार बढ़ते समुद्री हमलों को देखते हुए सऊदी अरब रेड सी में जहाजों की सुरक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन तैयार कर रहा है। बताया जा रहा है कि अब तक 14 देशों ने इस पहल में शामिल होने की इच्छा जताई है।
ईरान- होर्मुज स्ट्रेट नहीं खुलेगा, हर हमले का जवाब मिलेगा
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद रखा जाएगा और अमेरिकी हमलों का जवाब जल्द दिया जाएगा। यह बयान अमेरिका द्वारा क़ेश्म द्वीप समेत कई ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों के बाद आया है।
ईरान संसद अध्यक्ष बोले- हर मौत का हिसाब लेंगे
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि क़ेश्म द्वीप पर हुई बमबारी में नागरिकों की मौत के लिए अमेरिका जिम्मेदार है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका को इसकी कीमत चुकानी होगी और ईरान इस कार्रवाई का जवाब देगा।
बाब- अल- मंदेब स्ट्रेट से 25 जहाज गुजरे
तनाव के बीच दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग होर्मुज स्ट्रेट से गुरुवार को सिर्फ दो खाली तेल टैंकर ही गुजर सके। वहीं बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट से 25 मालवाहक जहाजों की आवाजाही दर्ज की गई, जिनमें बड़े क्रूड ऑयल टैंकर भी शामिल थे।
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कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड करीब 88 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI 82.09 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। हालांकि पूरे जुलाई महीने में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 20% की बढ़ोतरी का अनुमान जताया जा रहा है।











